कांग्रेस के भीतर ‘जयचंद’ और ‘स्लीपर सेल’ सक्रिय : मंत्री जगत सिंह नेगी
शिमला, 19 अगस्त (हि.स.)। राजधानी शिमला में कांग्रेस के एक कार्यक्रम में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई जब प्रदेश के बागवानी, जनजातीय व राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने अपनी ही पार्टी के संगठन और कुछ नेताओं पर खुलकर सवाल उठा दिए। उन्होंने कांग्रेस के भीतर ‘जयचंद’, ‘भगोड़े’ और ‘स्लीपर सेल’ सक्रिय होने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ वह दिल्ली में पार्टी आलाकमान के समक्ष प्रमाण सहित मामला उठाएंगे।
उनका यह बयान बुधवार को राजीव भवन में आयोजित हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आदिवासी एवं अनुसूचित जनजाति विभाग के पदभार ग्रहण समारोह में आया। इस कार्यक्रम में लाहौल-स्पीति से विधायक अनुराधा राणा ने विभाग की नई प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण किया। समारोह में आदिवासी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार और अन्य नेता भी मौजूद थे।
अनुराधा राणा को विभाग का अध्यक्ष बनने पर बधाई देने के बाद जगत सिंह नेगी ने संगठन के भीतर चल रही गुटबाजी और अनुशासनहीनता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देशभर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विचारधारा के खिलाफ लड़ाई लड़ने की बात करती है, लेकिन संगठन के भीतर ऐसे लोगों को महत्व दिया जा रहा है जिन्होंने पार्टी के साथ निष्ठा नहीं निभाई और समय-समय पर नुकसान पहुंचाया है।
नेगी ने प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर पर हाल में हुई संगठनात्मक नियुक्तियों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने इन नियुक्तियों को निराशाजनक बताते हुए कहा कि कुछ फैसलों से कार्यकर्ताओं के बीच गलत संदेश गया है। उनके अनुसार संगठन में ऐसे लोगों को जिम्मेदारियां दी गई हैं जिनकी भूमिका को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।
राजस्व मंत्री ने कहा कि वह इस मुद्दे को दबने नहीं देंगे। उन्होंने दावा किया कि उनके पास पर्याप्त जानकारी और प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही दिल्ली जाकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के सामने विधानसभा क्षेत्रवार रिपोर्ट पेश करेंगे और उन लोगों की सूची भी सौंपेंगे जिन्हें उन्होंने ‘स्लीपर सेल’ बताया।
नेगी ने कहा कि कांग्रेस को अपने भीतर मौजूद ऐसे लोगों की पहचान करनी होगी जो संगठन के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी को पहले अपने संगठन को मजबूत करना होगा और अंदरूनी चुनौतियों से निपटना होगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

