आईजीएमसी में आउटसोर्स कर्मियों का प्रदर्शन, 24 अगस्त को एक दिन की हड़ताल का ऐलान

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आईजीएमसी में आउटसोर्स कर्मियों का प्रदर्शन, 24 अगस्त को एक दिन की हड़ताल का ऐलान


शिमला, 14 अगस्त (हि.स.)। राजधानी शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में कार्यरत आउटसोर्स और ठेका कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को अस्पताल के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, सीटू जिला महासचिव अमित कुमार सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए।

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि आईजीएमसी जैसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान के संचालन में आउटसोर्स और ठेका कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन उन्हें कई बुनियादी और वैधानिक सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। कर्मचारियों ने सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा, सुरक्षित कार्यस्थल और स्थायी रोजगार की मांग उठाई।

मजदूर नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों को ईपीएफ, ईएसआई, बोनस, ओवरटाइम, यूनिफॉर्म, पहचान पत्र, वेतन पर्ची और चेंजिंग रूम जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा कर्मचारियों के ईपीएफ की राशि जनवरी 2026 के बाद जमा नहीं की गई है, जबकि यह राशि उनके वेतन से काटी जाती रही है। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से यूनिफॉर्म भी उपलब्ध नहीं करवाई गई है और अस्पताल परिसर में उचित चेंजिंग रूम की व्यवस्था नहीं है।

प्रदर्शनकारियों ने आईजीएमसी में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग भी की। उनका कहना है कि कम स्टाफ होने के कारण एक कर्मचारी से कई तरह के काम लिए जा रहे हैं, जिससे काम का बोझ बढ़ रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में पर्याप्त कर्मचारी होना मरीजों की सेवाओं के लिए भी जरूरी है।

मजदूर नेताओं ने राज्य में बढ़ रही आउटसोर्स, ठेका और अस्थायी रोजगार व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों की आवश्यकता लगातार बनी रहती है, उन पदों पर स्थायी रोजगार दिया जाना चाहिए। नेताओं ने जॉब ट्रेनी, रोगी मित्र और मल्टी टास्क वर्कर जैसी व्यवस्थाओं को रोजगार के अस्थायीकरण से जोड़ते हुए स्थायी नीति बनाने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। इसी क्रम में आईजीएमसी के कर्मचारियों ने 24 अगस्त को एक दिन की हड़ताल करने का ऐलान किया है। मजदूर नेताओं ने कहा कि उनका संघर्ष अस्पताल या मरीजों के खिलाफ नहीं है, बल्कि कर्मचारियों के अधिकारों और बेहतर कार्य परिस्थितियों के लिए है। उनका कहना है कि अस्पताल की सफाई, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सेवाएं देने वाले कर्मचारियों को सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा और स्थायी रोजगार मिलना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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