हिसार : जर्मनी और जापान जैसे देशों में रोजगार के अनेकअवसर उपलब्ध : डॉ. सतबीर सांगा

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हिसार : जर्मनी और जापान जैसे देशों में रोजगार के अनेकअवसर उपलब्ध : डॉ. सतबीर सांगा


राजकीय महिला महाविद्यालय में ग्लोबल करियर अवसरों

पर जागरूकता सेमिनार

हिसार, 18 मार्च (हि.स.)। राजकीय महिला महाविद्यालय

में प्लेसमेंट सेल एवं महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वाधान में ‘स्टडी लोकल, वर्क ग्लोबल:

अनलॉकिंग ग्लोबल करियर ऑपर्च्यूनिटीज़ इन जर्मनी एंड जापान’ विषय पर सेमिनार का

आयोजन किया गया।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सतबीर

सिंह सांगा ने बुधवार काे अपने संबोधन में छात्राओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने के लिए

कौशल विकास, अनुशासन एवं भाषा दक्षता के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जर्मनी

और जापान जैसे देशों में रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध हैं, जिनका लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों

को अभी से तैयारी शुरू करनी चाहिए। उन्होंने इस प्रकार के सेमिनार के आयोजन के लिए

प्लेसमेंट सेल एवं महिला प्रकोष्ठ की सराहना की।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्लेसमेंट सेल की इंचार्ज

डॉ. वसुंधरा ने सभी अतिथियों एवं छात्राओं के स्वागत के साथ किया। उन्होंने स्वागत

भाषण में सेमिनार के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के वैश्विक युग में छात्राओं

के लिए अंतरराष्ट्रीय अवसरों को समझना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को इस प्रकार

के आयोजनों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

सेमिनार की मुख्य वक्ता एवं मिशन ओवरसीज स्किल

एकेडमी, हिसार की चीफ ऑपरेशंस ऑफिसर प्रिया श्योरान ने छात्राओं को जर्मनी एवं जापान

में करियर के अवसरों, आवश्यक कौशल, प्रारंभिक वेतन, विदेशी भाषाओं के महत्व तथा आवेदन

एवं माइग्रेशन प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने अपने अनुभव

साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार सही मार्गदर्शन, समय पर तैयारी और निरंतर प्रयास

से छात्राएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल करियर बना सकती हैं। उन्होंने जर्मनी और जापान

में कार्य संस्कृति, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और प्रोफेशनल एथिक्स के महत्व पर भी प्रकाश

डाला तथा बताया कि इन देशों में हेल्थकेयर, इंजीनियरिंग, आईटी, और स्किल्ड ट्रेड्स

जैसे क्षेत्रों में भारतीय युवाओं के लिए व्यापक संभावनाएं उपलब्ध हैं। साथ ही, उन्होंने

भाषा सीखने (जैसे जर्मन और जापानी) की आवश्यकता पर जोर देते हुए छात्राओं को शुरुआती

स्तर से ही तैयारी करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आवेदन प्रक्रिया को सरल शब्दों

में समझाते हुए वीज़ा, डॉक्यूमेंटेशन, इंटरव्यू और प्री-डिपार्चर तैयारी के महत्वपूर्ण

चरणों पर भी मार्गदर्शन दिया। उनके प्रेरणादायक संबोधन ने छात्राओं में आत्मविश्वास

जगाया और उन्हें वैश्विक अवसरों के प्रति जागरूक किया।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

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