हिसार के दयानंद कॉलेज में छात्राओं ने खुलकर साझा किए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े अनुभव
‘हर वॉयस, हर वेल बीइंग’ कार्यक्रम, भावनाओं,
रिश्तों, शैक्षणिक दबाव और सामाजिक अपेक्षाओं पर हुई खुली बातचीत
हिसार, 06 अक्टूबर (हि.स.)। दयानंद कॉलेज में मनोविज्ञान विभाग एवं महिला प्रकोष्ठ
के संयुक्त तत्वावधान में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में ‘हर वॉयस, हर
वेल बीइंग’ कार्यक्रम का आयोजन
किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम ‘लिवड एक्सपीरियंसिस हर्ड: रियल वॉयसेज, रियल चेंज’ के अनुरूप छात्राओं
के व्यक्तिगत अनुभवों, भावनाओं और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को समझने तथा
उन्हें खुलकर अभिव्यक्त करने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्राओं
के लिए विभिन्न आत्म-अभिव्यक्ति और संवादात्मक गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनके माध्यम
से उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों, भावनाओं, रिश्तों, शैक्षणिक दबाव, अकेलेपन तथा पारिवारिक
एवं सामाजिक अपेक्षाओं जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का उद्देश्य
छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें अपनी भावनाओं और
अनुभवों को बिना भय या झिझक व्यक्त करने के लिए सुरक्षित एवं सहयोगात्मक वातावरण उपलब्ध
कराना था।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विक्रमजीत सिंह ने छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के
विषय पर खुलकर बातचीत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी
समस्याओं को समय रहते पहचानने, उन्हें स्वीकार करने और आवश्यकता पड़ने पर उचित सहायता
लेने के महत्व पर प्रकाश डाला।
मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ. रेनू राठी ने छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य
संबंधी समस्याओं के प्रारंभिक संकेतों की पहचान और तनाव सहित अन्य चुनौतियों से प्रभावी
ढंग से निपटने के उपाय बताए। उन्होंने छात्राओं को अपनी भावनाओं को समझने तथा आवश्यकता
पड़ने पर सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित किया। महिला प्रकोष्ठ की संयोजक डॉ. शर्मिला
गुनपाल ने छात्राओं को अपने मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने तथा अपनी भावनाओं
और अनुभवों को बिना झिझक व्यक्त करने का आह्वान किया। उन्होंने सुरक्षित, संवेदनशील
और सहयोगात्मक वातावरण की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का मंच संचालन मनोविज्ञान
विभाग की प्राध्यापिका सुश्री पूजा ने किया। महिला प्रकोष्ठ की ओर से डॉ. अर्चना मलिक,
डॉ. सुरुचि शर्मा, डॉ. संगीता मलिक, डॉ. छवि मंगला तथा मिस शालू रानी ने सहभागिता की।
मनोविज्ञान विभाग एवं महिला प्रकोष्ठ के अन्य सदस्यों की भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी
रही।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

