हांसी : राखीगढ़ी को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने पर खर्च होंगे 188 करोड़ रुपये : नायब सिंह सैनी

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हांसी : राखीगढ़ी को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने पर खर्च होंगे 188 करोड़ रुपये : नायब सिंह सैनी


हांसी : राखीगढ़ी को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने पर खर्च होंगे 188 करोड़ रुपये : नायब सिंह सैनी


हांसी : राखीगढ़ी को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने पर खर्च होंगे 188 करोड़ रुपये : नायब सिंह सैनी


मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सात दिवसीय राखीगढ़ी

महोत्सव का किया शुभारंभ

‘माटी से महोत्सव तक’ थीम पर शुरू हुआ महोत्सव, संग्रहालय का सिविल

कार्य लगभग पूरा

यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने

के प्रयास

हांसी, 19 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री नायब

सिंह सैनी ने कहा है कि राखीगढ़ी हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता, पूर्वजों के श्रम और हुनर

के साथ हमारी पहचान व स्वाभिमान का प्रतीक है। सरकार इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण,

शोध और पर्यटन विकास के लिए प्रतिबद्ध है। राखीगढ़ी में बन रहे संग्रहालय एवं इंटरप्रिटेशन

सेंटर का सिविल कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अगले चरण में करीब 188 करोड़ रुपये की

लागत से इसे विश्वस्तरीय बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने सोमवार को सात दिवसीय राखीगढ़ी

महोत्सव का शुभारंभ करते हुए ग्राम पंचायत को 51 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। इस

वर्ष महोत्सव की थीम ‘माटी से महोत्सव तक’ रखी गई है। मुख्यमंत्री ने

कहा कि राखीगढ़ी में मिले मिट्टी के बर्तन, मनके, मुहरें और शिल्प से जुड़ी वस्तुएं

हमारे पूर्वजों की सृजनशीलता और विकसित जीवनशैली का परिचय देती हैं। यहां के पुरातात्विक

साक्ष्य मानव जीवन, कृषि, शिल्प और सामुदायिक व्यवस्था के विकास की महत्वपूर्ण जानकारी

देते हैं। यह महोत्सव नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और ऐतिहासिक विरासत के प्रति

जिम्मेदारी समझने का अवसर है।

मुख्यमंत्री ने महोत्सव से पहले निर्माणाधीन संग्रहालय

का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉल पर खरीदारी की, खेल गतिविधियों का जायजा लिया

और पुरातत्व विभाग की ओर से तैयार कृत्रिम उत्खनन डेमो के माध्यम से खुदाई की प्रक्रिया

को समझा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘माटी से महोत्सव तक’ की थीम हमारी सभ्यता की यात्रा को दर्शाती है। यही मिट्टी किसान के हाथों

में अन्न, कुम्हार के हाथों में आकार और कलाकार के हाथों में संस्कृति की अभिव्यक्ति

बनती है।

यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने

के प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

के ‘विकास भी, विरासत भी’ के विजन के अनुरूप सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण

किया जा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से आइकॉनिक साइट के रूप में विकसित करने के लिए

चुने गए पांच पुरातात्विक स्थलों में राखीगढ़ी भी शामिल है। इसे यूनेस्को की विश्व

धरोहर सूची में शामिल कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। यहां मिले अवशेषों पर गहन शोध

के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने बताया

कि राखीगढ़ी महोत्सव के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, जिसमें

देश-विदेश के विद्वान पुरातात्विक साक्ष्यों, नई खोजों और भविष्य में शोध की संभावनाओं

पर विचार-विमर्श करेंगे। विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने

कहा कि राखीगढ़ी के पुरातात्विक अवशेष प्राचीन सभ्यता और पूर्वजों के रहन-सहन की जानकारी

देते हैं। यहां मिले साक्ष्य जल निकासी, स्वच्छ पेयजल, खेती-बाड़ी और बैलगाड़ी जैसी

व्यवस्थाओं पर प्रकाश डालते हैं। महोत्सव के दौरान युवाओं के लिए प्रशिक्षण और छोटे

पाठ्यक्रमों से जुड़ी गतिविधियां भी आयोजित की गई हैं। इस अवसर पर पूर्व वित्त

मंत्री कैप्टन अभिमन्यु और हांसी के विधायक विनोद भयाना सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति

उपस्थित रहे

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

Livevns.news Desk
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