हरियाणा सरकार ने करनाल एनकाउंटर की जांच स्टेट क्राइम ब्रांच को सौंपी

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चंडीगढ़, 19 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने करनाल में हुए एनकाउंटर की जांच के आदेश जारी

कर दिए है। अब इस मामले की जांच स्टेट क्राइम ब्रांच द्वारा की जा जाएगी।मंगलवार

की रात मुख्यमंत्री द्वारा यह आदेश जारी किए जाने के बाद बुधवार को हरियाणा पुलिस

ने 7 अगस्त को करनाल के मधुबन पुलिस स्टेशन में आर्म्स

एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर नंबर 282 को तुरंत प्रभाव से जिला पुलिस

से स्टेट क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया है। इस मामले की जांच हरियाणा के एडीजीपी (कानून-व्यवस्था) संजय कुमार के नेतृत्व में की

जाएगी।

अखिल

भारतीय रोड महासभा ने अपनी मांगों को

मनवाने के लिए 24 अगस्त को करनाल में एक

महापंचायत बुलाने का ऐलान किया था। इन मांगों में समुदाय के सदस्य हर्ष और एक अन्य

व्यक्ति के कथित एनकाउंटर की जांच भी शामिल थी। जिसके बाद सरकार ने यह मामला स्टेट क्राइम ब्रांच को सौंप

दिया है।

आदेश

में कहा गया, हरियाणा के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ

पुलिस (क्राइम) एक अधिकारी को नियुक्त करेंगे जो जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के

बाद करनाल पुलिस से केस की फाइल ले लेंगे। करनाल के पुलिस अधीक्षक को भी निर्देश

दिया गया है कि वे केस की फाइल और सभी संबंधित रिकॉर्ड क्राइम ब्रांच द्वारा

नियुक्त अधिकारी को सौंप दें।

यह आदेश

तब आया जब रोड समुदाय के सदस्यों में हर्ष और

मटरवा खेड़ी गांव के बीरबल के 7 अगस्त को हुए कथित एनकाउंटर को लेकर नाराजगी बढ़ गई

थी। इन दोनों को शहर के सदर बाजार के वीरू वाल्मीकि की कथित हत्या के सिलसिले में

हुई मुठभेड़ में मार गिराया गया था। वीरू की कथित

तौर पर 5 अगस्त को शहर में भगवारिया गैस एजेंसी के पास बाइक

सवार दो लोगों ने हत्या कर दी थी।

हर्ष के

एनकाउंटर के बाद रोर समुदाय के सदस्यों में नाराजगी फैल गई थी। उन्होंने 12 अगस्त को कुरुक्षेत्र में राज्य स्तरीय बैठक आयोजित

की थी, जिसमें सीबीआई जांच, एनकाउंटर में शामिल

पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और एनकाउंटर से पहले की गई टिप्पणियों के लिए

करनाल के विधायक जगमोहन आनंद के इस्तीफे की मांग की गई थी। इसके बाद, 13 अगस्त को रोर समुदाय के प्रतिनिधियों ने चंडीगढ़ में

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से उनके कैंप ऑफिस में मुलाकात की। इस बैठक में

हरियाणा विधानसभा के स्पीकर हरविंदर कल्याण और पुंडरी के विधायक सतपाल जांबा भी

मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने उनकी बात ध्यान से सुनी और स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम

का हवाला देते हुए उनकी मांगों पर विचार करने के लिए 16 अगस्त तक का समय मांगा। समय-सीमा

बीतने के बाद भी सरकार से कोई ठोस आश्वासन न मिलने पर,

अखिल भारतीय रोर महासभा ने

मंगलवार को करनाल की रोर धर्मशाला में समुदाय के सदस्यों की बैठक की और आगे की

कार्रवाई तय करने के लिए 65 सदस्यों की एक समिति बनाई।

समिति के सदस्यों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए 24 अगस्त को करनाल में महापंचायत

करने की घोषणा की।

जिसके बाद सरकार ने देररात यह मामला स्टेट क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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