हरियाणा में शहरी विकास के लाइसेंस नियम आसान, कैबिनेट की मंजूरी
विधानसभा समिति की 9 सिफारिशें नियमों में शामिल
21 में से 12 सिफारिशें पहले से कानून
चंडीगढ़, 13 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा में शहरी क्षेत्रों के विकास से जुड़े लाइसेंस की प्रक्रिया को सरल और व्यवस्थित करने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में हरियाणा डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन ऑफ अर्बन एरियाज रूल्स, 1976 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। संशोधनों का मकसद लाइसेंस से जुड़े आवेदन, उनकी जांच, फैसले की सूचना और लाइसेंस के नवीनीकरण की प्रक्रिया को ज्यादा स्पष्ट बनाना है। यह बदलाव विधानसभा की अधीनस्थ विधान समिति की 2016-17 की 45वीं रिपोर्ट में की गई सिफारिशों के आधार पर किया गया है। समिति ने कुल 21 सिफारिशें दी थीं। इनमें से 9 सिफारिशों को नियमों में शामिल करने योग्य पाया गया, जबकि बाकी 12 पहले से ही संबंधित कानून, मौजूदा नियमों या सरकारी नीतियों में कवर थीं।
संशोधित नियमों में शहरी विकास से जुड़े लाइसेंस के लिए आवेदन की प्रक्रिया और उसकी जांच से संबंधित प्रावधानों को व्यवस्थित किया जाएगा। इससे आवेदकों और संबंधित विभागीय अधिकारियों के लिए यह ज्यादा स्पष्ट होगा कि आवेदन किस तरह लिया और जांचा जाना है। इसी तरह आवेदन पर लिए गए निर्णय की आवेदक को सूचना देने की प्रक्रिया को भी नियमों में बेहतर तरीके से स्पष्ट किया जाएगा।
संशोधनों में लाइसेंस के रिन्यूअल से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य नवीनीकरण की प्रक्रिया को ज्यादा सुव्यवस्थित करना है, ताकि लाइसेंस धारकों को प्रक्रिया और आवश्यकताओं को लेकर अस्पष्टता न रहे। संशोधन का जोर नए लाइसेंस जारी करने के साथ-साथ मौजूदा लाइसेंस को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया को भी आसान और स्पष्ट बनाने पर है।
विधानसभा की अधीनस्थ विधान समिति ने 21 बिंदुओं पर सिफारिशें की थीं। सरकार की जांच में पाया गया कि 12 सिफारिशों को अलग से नियमों में शामिल करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वे पहले ही हरियाणा डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन ऑफ अर्बन एरियाज एक्ट, 1975, मौजूदा नियमों या सरकारी नीतियों के दायरे में आती हैं। बाकी 9 सिफारिशों को नियमों में शामिल करने की मंजूरी दी गई है। इससे 1976 के नियमों को समिति की सिफारिशों के अनुरूप अपडेट किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

