हरियाणा में रेडियोग्राफर होंगे रेडियोलॉजी अधिकारी
चंडीगढ़, 28 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा स्वास्थ्य विभाग पैरा-मेडिकल और विविध पद (राज्य समूह-सी) सेवा नियम, 1998 में संशोधनों को स्वीकृति प्रदान की गई। यह संशोधन मुख्य रूप से सेवा नियमों में वरिष्ठ रेडियोलॉजी अधिकारी के नए बनाए गए 22 पदों को शामिल करने और स्वास्थ्य प्रणाली में रेडियोलॉजी पेशेवरों की बदलती भूमिका के अनुरूप मौजूदा रेडियोग्राफर पदों के नाम को 'रेडियोलॉजी अधिकारी' में बदलने का प्रावधान करते हैं।
यह संशोधन 10 जून, 2020 को जारी एक सरकारी अधिसूचना के माध्यम से प्रत्येक जिले में एक-एक, यानी वरिष्ठ रेडियोग्राफर के 22 पदों के सृजन के बाद आवश्यक हो गए थे। ये पद विभाग में कार्यरत पात्र रेडियोग्राफरों में से पदोन्नति द्वारा भरे जाने हैं।
संशोधित नियमों के तहत, 22 स्वीकृत पदों के साथ सेवा नियमों में वरिष्ठ रेडियोलॉजी अधिकारी की एक नई श्रेणी शुरू की गई है। यह पद स्नक्करु-6, सेल-ढ्ढ (35,400 रुपये - 1,12,400 रुपये) का वेतनमान वहन करेगा और इसे मुख्य रूप से निर्धारित योग्यताओं और न्यूनतम पांच वर्ष की नियमित सेवा वाले रेडियोलॉजी अधिकारियों में से पदोन्नति के माध्यम से भरा जाएगा। निर्धारित पात्रता शर्तों के अधीन किसी भी राज्य सरकार या भारत सरकार की सेवा से स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) के माध्यम से नियुक्ति का भी प्रावधान किया गया है।
कैबिनेट ने पूरे सेवा नियमों में नियुक्ति, पदोन्नति, अनुशासनात्मक मामलों और सेवा शर्तों को नियंत्रित करने वाले प्रासंगिक परिशिष्टों सहित 'रेडियोग्राफर' पदनाम को बदलकर 'रेडियोलॉजी अधिकारी' करने वाले संशोधनों को भी मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, संशोधित नियमों में मौजूदा सरकारी नीतियों और संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार नियुक्तियों में आरक्षण, सीधी भर्ती में आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए अनुभव में छूट, पात्रता शर्तों और नागरिकता आवश्यकताओं से संबंधित संशोधित प्रावधान शामिल हैं।
इन संशोधनों से स्वास्थ्य विभाग में रेडियोलॉजी पेशेवरों के करियर की प्रगति को मजबूती मिलने, सेवा नामकरण में एकरूपता सुनिश्चित होने, समय पर पदोन्नति की सुविधा मिलने और राज्य के स्वास्थ्य कार्यबल को समकालीन चिकित्सा पद्धतियों के साथ संरेखित करने की उम्मीद है, जिससे हरियाणा के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में नैदानिक (डायग्नोस्टिक) सेवाओं में सुधार होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

