हरियाणा में कॉमन कैडर से ग्रुप डी के कर्मचारी बनेंगे क्लर्क

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चंडीगढ़, 12 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा में कॉमन कैडर के ग्रुप-डी कर्मचारियों के क्लर्क बनने का सपना अब साकार होगा। सरकार ने पात्र कर्मचारियों को एसईटीसी पार्ट-वन परीक्षा में शामिल कराने के लिए सभी संबंधित को निर्देश जारी कर दिए हैं। हरियाणा में एसईटीसी यानी स्टेट इलीजीबिल्टी टेस्ट इन कंप्यूटर एप्रीसिएशन एंड एप्लीकेशन क्लर्क कैडर के लिए कंप्यूटर दक्षता से जुड़ी परीक्षा है। पुराने सरकारी निर्देशों में एसईटीसी पार्ट-वन को कंप्यूटर नॉलेज टेस्ट और पार्ट-टू को टाइपिंग टेस्ट के तौर पर निर्धारित किया गया था। क्लर्क पद पर प्रमोशन और आगे की सेवा शर्तों में यह अनिवार्य है।

विभागों को कर्मचारियों के आवेदन फॉर्म और ई-एडमिट कार्ड की जांच कर उन्हें प्रमाणित करने को कहा गया है, ताकि पात्र कर्मचारी परीक्षा से वंचित न रहें। नए कानून के तहत ग्रुप-डी से क्लर्क प्रमोशन का कोटा 20 प्रतिशत से बढक़र 30 प्रतिशत किया गया है। जिससे क्लर्क पदों में प्रमोशन के जरिए भरे जाने वाले हिस्से में ग्रुप-डी कर्मचारियों की हिस्सेदारी बढ़ गई है।

यह व्यवस्था हरियाणा के नए हरियाणा कलेरीक्ल रिक्रयूटमेंट एंड कंडीशन ऑफ सर्विस एक्ट-2026 से भी जुड़ी है। यह कानून 3 जून 2026 को सरकारी गजट में प्रकाशित हुआ था। इसके तहत ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए क्लर्क पद पर प्रमोशन की पात्रता और प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है।

नए कानून के मुताबिक ग्रुप-डी कर्मचारी से क्लर्क पद पर प्रमोशन के लिए कम से कम 5 साल की सेवा पूरी होना जरूरी है। इसके साथ कर्मचारी का 10+2 या इसके समकक्ष परीक्षा पास होना और एसईटीसी पार्ट-वन क्वालिफाई करना भी पात्रता में शामिल है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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