हरियाणा के 12 हजार शैक्षणिक संस्थान तंबाकू मुक्त घोषित

WhatsApp Channel Join Now

चंडीगढ़, 19 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा ने चालू वित्त वर्ष की पहली दो तिमाहियों के दौरान राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के तहत 12 हजार 865 शैक्षणिक संस्थानों को तंबाकू-मुक्त घोषित किया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ.सुमिता मिश्रा ने उपलब्धियों को साझा करते हुए कहा कि तंबाकू-मुक्त शैक्षणिक संस्थान (टीओएफईआई) दिशा-निर्देशों के तहत 12,865 शैक्षणिक संस्थानों को तंबाकू-मुक्त घोषित किए जाने के साथ हरियाणा तंबाकू नियंत्रण में अग्रणी राज्यों में से एक बनकर उभरा है।

उन्होंने कहा कि राज्य ने राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत तंबाकू नियंत्रण प्रतिज्ञाओं (शपथ) की संख्या के मामले में देश में दूसरा स्थान हासिल किया है, जो व्यापक जनभागीदारी और मजबूत अंतर-विभागीय समन्वय को दर्शाता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार तंबाकू-मुक्त गांव बनाने की दिशा में भी तेजी से प्रगति कर रही है, जिसके तहत 1,128 गांवों को पहले ही तंबाकू-मुक्त घोषित किया जा चुका है, जो आने वाली पीढिय़ों को तंबाकू के हानिकारक प्रभावों से बचाने के लिए हरियाणा की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।

रिपोर्टिंग अवधि के दौरान, कोटपा के तहत 3,848 उल्लंघनकर्ताओं के चालान किए गए, जिससे जुर्माने के रूप में 1.82 लाख एकत्र हुए। इसके अलावा, प्रवर्तन एजेंसियों ने छह मामले दर्ज किए और 33 इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का स्टॉक जब्त किया। सभी जिला अस्पतालों और 17 मेडिकल/डेंटल कॉलेजों में संचालित तंबाकू नशा मुक्ति केंद्रों ने 20,414 तंबाकू उपयोगकर्ताओं को परामर्श और उपचार सेवाएं प्रदान कीं, जिससे उन्हें पेशेवर परामर्श और फार्माकोथेरेपी के माध्यम से तंबाकू छोडऩे में मदद मिली।

हरियाणा के राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने कहा कि इन उपलब्धियों को हासिल करने में व्यापक जागरूकता गतिविधियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वित्तीय वर्ष की पहली छमाही के दौरान, 13,524 शैक्षणिक संस्थानों का मूल्यांकन किया गया, 10,500 से अधिक तंबाकू-मुक्त प्रतिज्ञा सत्र आयोजित किए गए, और राज्य भर में 4,255 स्कूल रैलियां तथा 4,633 जागरूकता प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। उन्होंने कहा कि तंबाकू-मुक्त गांव पहल के तहत, 1,444 ग्राम सभा बैठकों, 2,247 जागरूकता गतिविधियों और 1,002 ग्राम स्तरीय समन्वय समितियों के गठन ने सामुदायिक भागीदारी को मजबूत किया है। इस कार्यक्रम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से एक व्यापक डिजिटल पहुंच भी बनाए रखी है, जिससे तंबाकू नियंत्रण पर निरंतर जन जुड़ाव सुनिश्चित हुआ है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

Share this story