सोनीपत: हथियारों से हमला कर कारोबारी को लूटने वाले चार दोषियों को दस-दस साल कैद
सोनीपत, 17 अक्टूबर (हि.स.)। सोनीपत
के पिपली खेड़ा-रामनगर रोड पर जुराब फैक्टरी के मालिक से हथियारों के बल पर लूटपाट
करने के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरताज बसवाना की अदालत ने चार दोषियों को
दस-दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना
भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर छह महीने की अतिरिक्त कठोर कैद भुगतनी होगी।
अदालत ने कुल एक लाख रुपये जुर्माने में से 50 हजार रुपये पीड़ित विनोद कुमार जिंदल
को मुआवजे के रूप में देने के आदेश दिए हैं।
अदालत
ने 12 अक्टूबर को मनोज निवासी गुमड़, संदीप निवासी पांचची, दीपक और राहुल निवासी गुमड़
को दोषी ठहराया था। 16 अक्टूबर को सजा पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं, जिसके बाद
फैसला सुनाया गया। दिल्ली के पीतमपुरा निवासी विनोद कुमार जिंदल ने पुलिस को बताया
था कि 25 जून 2018 को वह अपनी कार से रामनगर, पिपली खेड़ा स्थित जुराब फैक्टरी पहुंचे
थे। फैक्टरी के गेट पर वैगन-आर कार में सवार हथियारबंद युवकों ने उन पर हमला कर दिया।
आरोपियों ने लोहे की रॉड और दाव से उनकी कार के आगे-पीछे के शीशे तोड़ दिए और उनके
साथ मारपीट कर बैग छीन लिया। बैग में 60 हजार रुपये नकद, पिपली खेड़ा में 27 कनाल जमीन
के मूल दस्तावेज और जमीन की 15 लाख रुपये की मूल रसीद थी। पूरक शिकायत में 10 हजार
रुपये की अतिरिक्त लूट का भी उल्लेख किया गया। शिकायत पर थाना मुरथल में मउामला दर्ज
किया गया था। पुलिस ने बाद में चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
सजा
पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दोषियों के पारिवारिक हालात का हवाला देकर कम सजा
देने की मांग की। वकीलों ने बताया कि उनके परिवार में छोटे बच्चे, बीमार मां और बुजुर्ग
माता-पिता हैं तथा वे घर में कमाने वाले प्रमुख सदस्य हैं। वहीं,
लोक अभियोजक ने वारदात को गंभीर बताते हुए आजीवन कारावास की मांग की।
उन्होंने अदालत
को बताया कि मनोज पर दो, राहुल पर पांच और दीपक पर तीन मामले दर्ज हैं। अदालत
ने कहा कि वारदात दिनदहाड़े फैक्टरी के गेट पर घातक हथियारों से हमला कर की गई थी।
हालांकि, पीड़ित को गंभीर या जानलेवा चोट नहीं आई और अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर
पाया कि दोषियों को पहले किसी मामले में सजा हुई थी। अदालत ने जेल में पहले बिताई गई
अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश भी दिया। सजा सुनाए जाने के बाद चारों दोषियों
को जेल भेज दिया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना

