सिरसा: खारे पानी में किसान ने तलाशा ‘सुनहरा’ विकल्प, झींगा पालन से 65 लाख का कारोबार
सिरसा, 24 अगस्त (हि.स.)। जिले के प्रगतिशील किसान गुरदीप सिंह ने खारे पानी को कमाई का जरिया बनाकर लाखों रुपये का कारोबार खड़ा किया है। 14 लाख रुपये के निवेश से शुरू हुआ यह सफर अब 65 लाख रुपये के वार्षिक कारोबार तक पहुंच गया है। गांव रघुआना के किसान गुरदीप सिंह ने सोमवार को बताया कि खेती को लेकर चुनौतियां कम नहीं थी, लेकिन उन्होंने परिस्थितियों को समस्या मानकर रुकने के बजाय उनमें संभावना तलाशने की कोशिश की। इसी तलाश ने उन्हें खेत से तालाब तक और फसल से झींगा पालन तक पहुंचाया।
आज गुरदीप सिंह की पहचान एक ऐसे प्रगतिशील किसान के रूप में बन रही है, जिन्होंने खारे पानी वाली जमीन में व्हाइट श्रिंप पालन को सफल व्यवसाय में बदल दिया। गुरदीप सिंह ने बताया कि पारंपरिक खेती में खारे पानी और सिंचाई की समस्याओं के कारण उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा था। उन्होंने कृषि से जुड़े सेमिनारों, विशेषज्ञों और ऑनलाइन माध्यमों से झींगा पालन के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। खारी जमीन में झींगा पालन की सफल कहानियों ने उन्हें इस दिशा में आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने मत्स्य विभाग से संपर्क किया और तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त किया। वर्ष 2019 में उन्होंने झींगा पालन की शुरुआत की। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत करीब 14 लाख रुपये की परियोजना लागत से एक हेक्टेयर क्षेत्र में दो तालाब तैयार किए गए। परियोजना के लिए उन्हें करीब 3.93 लाख रुपये की सब्सिडी मिली। बाद में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत दो और तालाब बनाए गए।
झींगा पालन का लाभ केवल गुरदीप सिंह तक सीमित नहीं रहा। इस व्यवसाय से 10 लोगों को प्रत्यक्ष और 15 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। साथ ही क्षेत्र के अन्य किसान भी झींगा पालन की संभावनाओं को समझने लगे हैं। गुरदीप सिंह का कहना है कि शुरुआत में बीमारी और बाजार भाव में उतार-चढ़ाव जैसी चुनौतियां सामने आईं। उन्होंने जैव सुरक्षा उपायों, पानी के बेहतर प्रबंधन, प्रोबायोटिक्स के इस्तेमाल और अलग-अलग बिक्री चैनल विकसित करके इन समस्याओं का सामना किया।
जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने कहा कि सिरसा जैसे क्षेत्रों में जहां कुछ स्थानों पर खारे पानी के कारण पारंपरिक खेती प्रभावित होती है, वहां वैज्ञानिक तरीके से झींगा पालन किसानों के लिए आय का बेहतर वैकल्पिक साधन बन सकता है। गुरदीप सिंह का उदाहरण यह दिखाता है कि सरकारी सहयोग के साथ आधुनिक तकनीक और सही प्रबंधन अपनाकर किसान अपनी आय के नए स्रोत तैयार कर सकते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma

