विधानसभा में 17 घंटे 39 मिनट चली कार्यवाही, 66 सदस्यों की हाजरी शतप्रतिशत
- स्पीकर ने मानसून सत्र पर पेश की रिपोर्ट
चंडीगढ़, 03 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा विधानसभा में तीन दिन चले मानसून सत्र के दौरान राज्य के कुल 38 विधायकों ने अपने क्षेत्रों की आवाज उठाई। हरियाणा विधानसभा के स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने गुरुवार को चंडीगढ़ में विधानसभा सत्र के संबंध में रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही 27 अगस्त से 1 सितंबर तक चली। मानसून सत्र में कुल 17 घंटे 39 मिनट सदन की कार्यवाही चली।
सत्र के दौरान 66 सदस्यों की उपस्थिति शत-प्रतिशत रही। मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा सभी मंत्री भी सदन में उपस्थित रहे। अध्यक्ष ने विभिन्न अवसरों पर सदस्यों को अनुशासन बनाए रखने, सदन की मर्यादा का पालन करने और चर्चा को जनहित के मुद्दों तक सीमित रखने की नसीहत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित, सदन की गरिमा और जनविश्वास सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।
मानसून सत्र में एक दिन शून्यकाल आयोजित हुआ, जिसमें 1 घंटा 57 मिनट तक कार्यवाही चली। इस दौरान 38 विधायकों ने विभिन्न लोकहित के मुद्दे उठाए। इनमें भाजपा के 13, कांग्रेस के 22 और तीन निर्दलीय विधायक शामिल रहे। सत्र के तीनों दिनों प्रश्नकाल हुआ। इसके लिए 60 तारांकित प्रश्न सूचीबद्ध किए गए थे, जिनमें से 31 के मौखिक जवाब सदन में दिए गए। विधानसभा सचिवालय को 51 सदस्यों की ओर से 266 तारांकित प्रश्नों के नोटिस प्राप्त हुए थे, जिनमें 167 प्रश्न स्वीकार किए गए। हालांकि, सत्र के पहले दिन परिस्थितियों के कारण प्रश्नकाल में एक भी प्रश्न का मौखिक उत्तर नहीं दिया जा सका। वहीं, 22 विधायकों की ओर से 126 अतारांकित प्रश्नों के नोटिस मिले, जिनमें से 97 स्वीकार किए गए। सूचीबद्ध 93 अतारांकित प्रश्नों के उत्तर संबंधित विधायकों को भेजे गए।
छह ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर हुई चर्चा
ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के लिए 25 नोटिस प्राप्त हुए, जिनमें से छह स्वीकृत किए गए। सत्र की तीनों बैठकों में दो-दो ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा हुई। कार्य स्थगन प्रस्ताव के लिए प्राप्त चारों नोटिस निर्धारित शर्तें पूरी न करने के कारण अस्वीकृत कर दिए गए। सत्र के लिए विधानसभा सचिवालय को 15 विधेयक प्राप्त हुए और चर्चा के बाद सभी 15 विधेयक पारित कर दिए गए। सत्र के दौरान दो महत्वपूर्ण सरकारी संकल्प भी पारित हुए।
753 दर्शकों ने देखी सदन की कार्यवाही
मानसून सत्र के दौरान विधानसभा की विभिन्न दीर्घाओं में कुल 753 दर्शकों ने सदन की कार्यवाही देखी। इनमें 11 शिक्षण संस्थाओं के 446 विद्यार्थी और शिक्षक भी शामिल रहे। इससे विद्यार्थियों और आम लोगों को संसदीय कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिला।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

