रूस-यूक्रेन युद्ध में मारे गए कैथल के युवक का पांच माह बाद आया शव,नम आंखों से विदाई

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रूस-यूक्रेन युद्ध में मारे गए कैथल के युवक का पांच माह बाद आया शव,नम आंखों से विदाई


रूस-यूक्रेन युद्ध में मारे गए कैथल के युवक का पांच माह बाद आया शव,नम आंखों से विदाई


कैथल, 20 मार्च (हि.स.)। रूस-यूक्रेन युद्ध की विभीषिका ने एक और भारतीय परिवार की खुशियों को छीन लिया। कैथल जिले के गांव रोहेड़ा का 22 वर्षीय युवक गीतिक जो बेहतर भविष्य के सपनों को संजोए रूस गया था, अब उसका शव शुक्रवार को पैतृक गांव पहुंचा। पांच महीने बाद जब उसका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो हर आंख नम थी और माहौल गमगीन हो उठा।

दोपहर के समय पूरे गांव की मौजूदगी में गीतिक का अंतिम संस्कार किया गया। जैसे ही शव गांव पहुंचा तो परिजनों की चीख-पुकार और ग्रामीणों की नम आंखों ने वातावरण को शोकाकुल बना दिया।

गीतिक वर्ष 2024 में रोजगार की तलाश में रूस गया था। वहां बेहतर कमाई के सपनों ने उसे रूसी सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित किया। बताया जाता है कि वह डोनबास बॉर्डर पर तैनात 444 बटालियन में कार्यरत था। इसी दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध के तनावपूर्ण माहौल में हुए विस्फोट और गोलीबारी के बीच उसकी जान चली गई। शुरुआत में रूसी सेना की ओर से गीतिक को लापता बताया गया, जिससे परिवार की उम्मीदें बनी रहीं। लेकिन समय बीतने के साथ सच्चाई सामने आई। सेना ने युद्ध में मारे गए जवानों की पहचान के लिए डीएनए परीक्षण कराया।

गीतिक के पिता अमित कुमार का डीएनए सैंपल भारत से भेजा गया, जिसके मिलान के बाद करीब दस दिन पहले उसकी मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई। गीतिक के चाचा देवेंद्र ने बताया कि परिवार ने करीब चार लाख रुपये खर्च कर उसे रूस भेजा था, ताकि वह अच्छी कमाई कर सके और घर की आर्थिक स्थिति सुधर सके। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। उसके पिता अमित कुमार करीब एक एकड़ जमीन पर खेती करते हैं। परिवार में उसका एक छोटा भाई है, जबकि उसकी माता का पहले ही देहांत हो चुका है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

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