मिड-डे-मील की हाजिरी पर डिजिटल निगरानी
चंडीगढ़, 22 अगस्त (हि.स.)। राजकीय स्कूलों में मिड-डे-मील में हाजिरी में फर्जीवाड़े पर निदेशालय ने कड़ा एक्शन लिया है। निदेशालय की ओर से हाजिरी की डिजिटल निगरानी के साथ एमआईएस पोर्टल और रजिस्टर के साथ एप का मिलान किया जाएगा। हाजिरी में गड़बड़ी मिलने पर स्कूल मुखिया की जवाबदेही तय होगी।
शिक्षा निदेशालय ने राजकीय स्कूलों में मिड-डे-मील व्यवस्था को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया है। अब बच्चों की दैनिक हाजिरी का सत्यापन किया जाएगा। कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों की हाजिरी अब स्कूल के साथ पीएम पोषण एप, एमआईएस पोर्टल और रजिस्टर में दर्ज करानी होगी। तीनों रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिलने पर विद्यालय मुखिया को जवाब देना होगा। कक्षा अध्यापक से लेकर मिड-डे मील इंचार्ज और स्कूल मुखिया को जिम्मेदारी तय की गई है। इसके साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और डिप्टी डीईओ के हर रोज स्कूलों के रिकार्ड की जांच करेंगे।
निदेशालय की ओर से हिदायत जारी की गई है कि प्रत्येक कक्षा के अध्यापक प्रतिदिन विद्यार्थियों की हाजिरी लेंगे और उपस्थित विद्यार्थियों की संख्या मिड-डे मील इंचार्ज को बताएंगे। संबंधित अध्यापकों के हस्ताक्षर करवाने के बाद मिड-डे मील इंचार्ज रजिस्टर में अटेंडेंस का कुल योग दर्ज करेगा और विद्यालय मुखिया के हस्ताक्षर करवाएगा।
इसी रिकॉर्ड के आधार पर पीएम पोषण एप पर विद्यार्थियों की उपस्थिति अपडेट की जाएगी। इसके साथ ही, एमआईएस में लॉगिन कर प्रत्येक विद्यार्थी की व्यक्तिगत उपस्थिति मार्क की जाएगी। विद्यालय मुखिया को यह सुनिश्चित करना होगा कि एमआईएस पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति, पीएम पोषण एप और रजिस्टर में दर्ज उपस्थिति में किसी तरह की त्रुटि या गड़बड़ी न हो।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

