दादरी में बंद सीमेंट फैक्टरी की जगह बनेगी इंडस्ट्रियल टाउनशिप
केंद्र व राज्य सरकार 50-50 हिस्सेदारी से करेंगे विकास
चंडीगढ़, 04 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा सरकार अंतिम छोर पर बसे जिला दादरी में अब औद्योगिक टाउनशिप विकसित करेगी। सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) की करीब 200 एकड़ जमीन पर इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने की योजना तैयार हो गई है। पहले यहां आवासी कॉलोनी विकसित करने की योजना थी, जिसे सरकार ने अब बदल दिया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) इस टाउनशिप को विकसित करेगा और केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय तथा एचएसआईआईडीसी मिलकर परियोजना को आगे बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में दादरी विधायक सुनील सतपाल सांगवान, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक चंद्रशेखर खरे और सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के सीएमडी संजय बंगा मौजूद रहे।
दादरी की इस जमीन पर पहले रिहायशी कॉलोनी विकसित करने की योजना थी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से भी केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय के साथ इस संबंध में पत्राचार किया गया था। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा मास्टर प्लान में करीब 200 एकड़ जमीन औद्योगिक जोन में आती है। ऐसे में इसे रिहायशी उपयोग में बदलने के लिए जोन परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ती, जिसमें करीब दो वर्ष लग सकते हैं। यही वजह रही कि अब सरकार ने जमीन के मौजूदा लैंड यूज के अनुरूप इसका इस्तेमाल करने का विकल्प चुना है। दादरी में पहले से कोई इंडस्ट्रियल टाउनशिप नहीं है। ऐसे में इस जमीन को औद्योगिक टाउनशिप में बदलने से न केवल लंबी भू-उपयोग परिवर्तन प्रक्रिया से बचा जा सकेगा, बल्कि वर्षों से अनुपयोगी पड़ी जमीन को भी आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा सकेगा।
प्रस्तावित टाउनशिप की करीब 200 एकड़ जमीन दादरी रेलवे स्टेशन के नजदीक है और 152डी एक्सप्रेस-वे से भी इसकी कनेक्टिविटी है। औद्योगिक इकाइयों के लिए परिवहन और लॉजिस्टिक्स की सुविधा को देखते हुए यह जगह निवेशकों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
परियोजना को लेकर बैठक में तय प्रारूप के अनुसार केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय और एचएसआईआईडीसी 50-50 अनुपात में परियोजना पर काम करेंगे। चूंकि जमीन सीसीआई की है, इसलिए टाउनशिप के विकास के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर और मूलभूत सुविधाएं एचएसआईआईडीसी विकसित करेगा। जमीन की लागत और आधारभूत ढांचे पर आने वाले खर्च का आकलन परियोजना रिपोर्ट तैयार होने के बाद किया जाएगा। इसके बाद परियोजना से होने वाले मुनाफे में भी केंद्रीय मंत्रालय और एचएसआईआईडीसी की 50-50 हिस्सेदारी होगी। फिलहाल विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में जमीन, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश क्षमता और टाउनशिप के विकास का पूरा खाका तैयार किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

