झज्जर : राज्य स्तरीय ऑनलाइन पीपीटी प्रतियोगिता में रोहतक का अमन रहा प्रथम
झज्जर, 21 फ़रवरी (हि.स.)। विश्व सामाजिक न्याय दिवस के अवसर पर वैश्य आर्य शिक्षण महिला महाविद्यालय बहादुरगढ़ द्वारा डिजिटल युग में सामाजिक न्याय की प्रासंगिकता विषय पर राज्य स्तर की ऑनलाइन पीपीटी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक न्याय, समान अवसर, समावेशी शिक्षा व मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता विकसित करना रहा। इस प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता का परिणाम शनिवार दोपहर बाद जारी किया गया। पहला स्थान रोहतक के अमन ने प्राप्त किया।
प्रतिभागियों ने अपने शोधपरक व नवोन्मेषी विचारों के माध्यम से सामाजिक असमानता, लैंगिक न्याय, डिजिटल विभाजन, शिक्षा में समावेशन और संवैधानिक मूल्यों जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। निर्णायक मंडल द्वारा पीपीटी की विषयवस्तु, मौलिकता, पीपीटी की गुणवत्ता व तर्कसंगतता के आधार पर मूल्यांकन किया गया।
प्रथम पुरस्कार गौड़ ब्राह्मण कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन रोहतक के अमन बत्रा ने, द्वितीय पुरस्कार वैश्य आर्य शिक्षण महिला महाविद्यालय बहादुरगढ़ की ज्योति गोयल ने और तृतीय पुरस्कार सैनी इंस्टिट्यूट ऑफ़ गर्ल्स रोहतक के मनु भुक्कल व ग्लोबल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट नारनौल के नितेश शर्मा को मिला। जबकि सांत्वना पुरस्कार जीसस एंड मैरी कॉलेज दिल्ली यूनिवर्सिटी की हंसिका व नेहा गुप्ता और एमडीयू रोहतक की नेहा गुप्ता को दिया गया। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. आशा शर्मा ने कहा कि सामाजिक न्याय केवल एक सिद्धांत नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए विजेताओं को बधाई दी और सभी प्रतिभागियों को निरंतर ज्ञानार्जन व सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। सभी प्रतिभागियों को ई-प्रमाण पत्र व विजेताओं को नकद राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की गई।
हिन्दुस्थान समाचार / शील भारद्वाज

