जींद : पंचायत में एक स्वर में एचपीवी वैक्सीन का विरोध
जींद, 01 मार्च (हि.स.)। गांव नगूरां के भूट्टेश्वर मंदिर में एचपीवी वैक्सीन के विरोध में रविवार को खांडा तपा की एक पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत में सबकी सहमति इस बात पर हुई कि एचपीवी वैक्सीन का विरोध किया जाएगा। कोरोना की वैक्सीन के बाद हुए दुष्परिणामाें को देखते हुए लोगों ने एकमत से इसका बहिष्कार किया। पंचायत की अध्यक्षता चांदपुर गांव के पूर्व सरपंच रामकुमार नरवाल ने की। इस दौरान खांडा तपा के दस गांवों के लोगों ने भाग लिया। इस दौरान लगभग दो घंटे चली पंचायत को रविंद्र हसनपुर गजे सिंह नगूरां, धर्मपाल नगूरां, राजेश नगूरां, रामनिवास शर्मा, सुशील नरवाल चांदपुर ने अपने विचार रखे।
जनता सरकार मोर्चे के संंस्थापक सुशील नरवाल ने बताया कि ये वैक्सीन बिल गेट्स द्वारा स्पांसर की जा रही है। बिल गेट्स वही व्यक्ति है, जिसका नाम एपस्टीन फाइल में आया है। इस पर गंभीर यौन शोषण के आरोप लगे हैं। जिसमें छोटी-छोटी बच्चियों का यौन शोषण और हत्या के आरोप है। इसने एपस्टीन से संबंध भी स्वीकार किए हैं। आगे ये भी बताया कि इस वैक्सीन का ट्रायल 2009 में तेलगांना और गुजरात में हुआ था। लगभग 14 हजार बच्चियों पर इसका ट्रायल किया गया। जिसमें से सात बच्चियों की ऑनस्पाट मृत्यु हो गई थी।
इस वैक्सीन से काफी लड़कियों को गंभीर दुष्परिणाम आए थे। जिसमें गर्भाशय खराब होने के भी केस मुख्य रहे। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए वैक्सीन का पूर्णत बहिष्कार का फैसला लिया। कमेटी भी बनाई गई जो स्कूलों में जाकर इस बात को सुनिश्चित करेगी कि किसी भी दबाव में टीका न लग पाए। अगर सीएचसी, पीएचसी के डाक्टर बच्चियों को एचपीवी वैक्सीन लगाएगें तो उनको दो टूक कहा जाएगा कि अगर वो साइड इफेक्ट न हो इस बात का शपथ पत्र डाक्टर देगा तो ही किसी बच्ची को वैक्सीन लग पाएगी। इसके अलावा बच्ची के माता-पिता की सहमति जरूरी है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

