गुरुग्राम: वास्तविक पढ़ाई केवल कक्षाओं की चारदीवारी तक सीमित नहीं: सांसद कार्तिकेय शर्मा

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गुरुग्राम: वास्तविक पढ़ाई केवल कक्षाओं की चारदीवारी तक सीमित नहीं: सांसद कार्तिकेय शर्मा


-गुडग़ांव प्रोगे्रेसिव स्कूल्स काउंसिल के वार्षिक सम्मेलन में कही यह बात

गुरुग्राम, 26 अप्रैल (हि.स.)। गुडग़ांव प्रोग्रेसिव स्कूल्स काउंसिल 24 (जीपीएससी) का वार्षिक सम्मेलन सीबीएसई सहोदय के तत्वावधान में यहां एक होटल में आयोजित किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य चेतना, उद्देश्यपूर्ण शिक्षण और समग्र विकास के परिप्रेक्ष्य में शिक्षा की नई परिकल्पना करना था। इसमें सांसद, शिक्षा पद्धति से जुड़े अधिकारियों ने अपने विचार सांझा किए।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा व अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित शुभारंभ किया। गुडग़ांव प्रोग्रेसिव स्कूल्स काउंसिल जीपीएससी की अध्यक्षा अलका सिंह, सनसिटी ग्रुप ऑफ स्कूल्स की निदेशक रूपा चक्रवर्ती ने अतिथियों का अभिनंदन किया। स्कूल के गायन समूह द्वारा गुडग़ांव सहोदय गीत प्रस्तुत किया। इस अवसर पर जीपीएससी सहोदय ईयर बुक चैतन्य-2 का विमोचन भी किया गया। मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने अपने संबोधन में इस बात पर बल दिया कि वास्तविक पढ़ाई केवल कक्षाओं की चारदीवारी तक सीमित नहीं है। उन्होंने भारत की समृद्ध दार्शनिक विरासत का उल्लेख करते हुए अंतश्चक्षु (आंतरिक दृष्टि) और अपनी अंतरात्मा से जुडऩे के महत्व को समझाया। उन्होंने रटंत प्रणाली के स्थान पर मूल्य-आधारित और बहु-विषयक शिक्षा की वकालत की तथा अपनी वैश्विक क्विज पहल हू कम्स फस्र्ट से परिचय कराया। जीपीएससी की अध्यक्षा अलका सिंह ने कहा कि चैतन्य अर्थात शिक्षा के क्षेत्र में चेतना के जागरण के मूल दर्शन को रेखांकित किया।

विशेषज्ञ सत्र और तकनीकी विमर्श में सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने मूल्यांकन से उत्थान की ओर सत्र में मूल्यांकन प्रक्रियाओं में दक्षता और पारदर्शिता लाने के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली की सराहना की। डॉ. अमीता मुल्ला वट्टल ने सचेत शिक्षा के दर्शन पर चर्चा करते हुए यांत्रिक शिक्षण से ऊपर उठने की आवश्यकता बताई। सीबीएसई के संयुक्त निदेशक नीति शंकर शर्मा ने छात्र कल्याण के लिए सीबीएसई की पहलों के साथ एकीकरण पर प्रकाश डाला। आईपीएस देवेश महाला ने भविष्य के नेतृत्व के लिए शारीरिक और मानसिक कल्याण, संतुलित खान-पान और स्वाध्याय को आवश्यक स्तंभ बताया। स्वामी शांततमानंद महाराज और रूपा चक्रवर्ती ने नेतृत्व और आध्यात्मिक ज्ञान के अद्भुत मिलन को प्रस्तुत किया।

साइबर विशेषज्ञ अभिषेक कुमार और डॉ. गौरव कपूर ने डिजिटल युग में डेटा सुरक्षा, निजता और माइंड फुलनेस को छात्रों के लिए अनिवार्य बताया। सीबीएसई के निदेशक डॉ. बिस्वजीत साहा ने कौशल से कुशल बोध के माध्यम से व्यावसायिक शिक्षा को स्कूली पाठ्यक्रम का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में जिला शिक्षा अधिकारी कैप्टन इंदु बोकेन ने भगवान श्री राम के आदर्शों का उदाहरण देते हुए संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्यों की महत्ता बताई। डॉ. तुलिका तलवार और सोना गोम्बर ने वैज्ञानिक पालन-पोषण के सूत्र सांझा किए।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

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