गुरुग्राम: डीएलएफ में तोडफ़ोड़ को लेकर महापंचायत, बुलडोजर नहीं समाधान की मांग

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गुरुग्राम: डीएलएफ में तोडफ़ोड़ को लेकर महापंचायत, बुलडोजर नहीं समाधान की मांग


-लोगों ने बिल्डर को लाभ पहुंचाने का लगाया आरोप

गुरुग्राम, 25 जून (हि.स.)। गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-1 से 5 में अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों पर डीटीपी विभाग की कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को लोगों ने महापंचायत कर विरोध जताया। लोगों ने सरकार से मांग की कि उन्हें बुल्डोजर नहीं समाधान चाहिए।

डीएलएफ फेज-3 में आयोजित महापंचायत में लोगों ने एक स्वर में कहा कि प्रशासन बुलडोजर की बजाय कोई ठोस समाधान निकाले। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मदद की गुहार लगाई। स्थानीय निवासी ईश्वर यादव ने महापंचायत में कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों की आड़ में डीटीपी विभाग शक्तियों का दुरुपयोग कर रहा है और यह कार्रवाई पूरी तरह गलत है। प्रदर्शनकारियों ने डीएलएफ साइबर सिटी की ऊंची इमारतों के पास नारेबाजी करते हुए कहा कि बड़े बिल्डर नियम अपने हिसाब से बनवा लेते हैं, जबकि पीजी, शॉप और ऑफिस चलाने वालों को अवैध बताया जा रहा है। उनका कहना है कि इनसे हजारों लोगों को रोजगार मिला है और कॉर्पोरेट कर्मचारियों को कम बजट में रहने की सुविधा मिलती है। बुधवार को डीटीपी विभाग ने डीएलएफ इलाके में सेंकड़ों घरों और पीजी-गेस्ट हाउसों पर चेतावनी पोस्टर चिपकाए थे। इसके बाद लोगों में आक्रोश बढ़ गया। स्थानीय लोगों ने महापंचायत के लिए जारी पोस्टर में लिखा कि सरकार से बैर नहीं, लेकिन बच्चों का अपमान हुआ तो खैर नहीं। लोगों का आरोप है कि प्रशासन बिना वैकल्पिक व्यवस्था के अचानक घरों पर कार्रवाई कर रहा है, जिससे मकान मालिकों को आर्थिक नुकसान और परिवारों में दहशत का माहौल है।

बढ़ते विरोध को देखते हुए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने डीएलएफ फेज-1 से 5 में अवैध पीजी, गेस्ट हाउस, होटल, हॉस्टल, को-लिविंग और व्यावसायिक कार्यालय बंद करने के लिए 30 जून तक का समय दिया है। विभाग ने साफ कहा है कि तय तारीख तक गतिविधियां बंद न होने पर एक जुलाई से फिर सीलिंग और तोडफ़ोड़ अभियान शुरू होगा। विभाग के अनुसार यह मोहलत साइबर सिटी में काम करने वाले हजारों युवाओं की परेशानी को देखते हुए दी गई है। पिछली कार्रवाई में कई युवाओं का सामान और दस्तावेज कमरों में ही सील हो गए थे और उन्हें रातें सडक़ों पर गुजारनी पड़ी थीं।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

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