गुरुग्राम: ट्रांसपोर्ट कारोबारी पर लाखाें के फर्जी डेबिट नोट से धोखाधड़ी का आरोप
गुरुग्राम, 26 जून (हि.स.)। मानेसर में ट्रांसपोर्ट का काम करने वाले काराेबारी पर एक व्यक्ति से 9.86 लाख रुपये का फर्जी डेबिट नोट देकर धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने शुक्रवार को बताया कि सेक्टर-7 आईटीएमटी मानेसर थाना पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता दर्शन सिंह निवासी पाथेड़ा, जिला महेंद्रगढ़ ने पुलिस उपायुक्त मानेसर को दी शिकायत में बताया कि उसकी प्रवीण निवासी सेक्टर-1 आईटीएमटी मानेसर से 6-7 साल से जान-पहचान थी। प्रवीण श्री श्याम ट्रांसपोर्ट सर्विस के नाम से मानेसर में ट्रांसपोर्ट का काम करता है। दर्शन सिंह ने अक्टूबर 2024 से अगस्त 2025 तक अपने रिश्तेदार की चार पिकअप गाड़ियां कुल बिल का पांच प्रतिशत कमीशन पर प्रवीण के पास चलवाई थीं।
पीड़ित ने बताता कि अक्टूबर 2024 को पहली गाड़ी एनआईटी एक्सप्रेस, जेप्टो, फर्स्ट सिटी कंपनी में लगाई। बाद में प्रवीण के कहने पर 14 अक्टूबर 2024 को तीन और गाड़ियां निकलवाईं।
27 जनवरी 2025 को एक गाड़ी फरुखनगर से दो पॉइंट का माल लोड कर गाजियाबाद गई थी। ड्राइवर एक पॉइंट पर माल खाली कर साथी से मिलकर गाड़ी लेकर भाग गया। इस पर थाना कवि नगर गाजियाबाद में छह फरवरी 2025 को एफआईआर दर्ज कराई गई।
एक फरवरी 2025 को गाड़ी उत्तर प्रदेश के करेली से खाली हालत में बरामद हुई।
चोरी की घटना के बाद 15 फरवरी 2025 से तीनों गाड़ियां प्रवीण को किस्त व अन्य खर्च की शर्त पर दे दीं।
दर्शन सिंह ने आरोप लगाया कि अक्टूबर 2024 से 15 फरवरी 2025 तक का हिसाब और लीगल एग्रीमेंट के लिए कई बार कहा, लेकिन प्रवीण बहाने बनाकर टालता रहा।
16 जुलाई 2025 को प्रवीण ने व्हाट्सएप पर मैसेज कर गाड़ियां वापस ले जाने को कहा। दर्शन ने बकाया किस्त और हिसाब करने पर गाड़ी लेने की बात कही।
31 जुलाई 2025 को प्रवीण ने जबरन एक गाड़ी भिजवा दी, जिसमें स्टेपनी, जैक और आरसी नहीं थी। किस्त भरने का आश्वासन देकर गाड़ी खड़ी कर ली गई।
दो दिन तक किस्त न भरने पर दर्शन ने 2/3 अगस्त 2025 की रात को गाड़ी के ड्राइवर से लेकर वापस ले ली।
बार-बार कहने पर 14 फरवरी 2026 को प्रवीण ने हिसाब किया और ऊर्जा कंपनी का 9,86,192 रुपये का डेबिट नोट दिया। दर्शन ने जब ऊर्जा के गुरुग्राम और पुणे ऑफिस से जांच कराई तो पता चला कि यह डेबिट नोट फर्जी है। कंपनी ने बताया कि वह इस तरह का कोई डेबिट नोट जारी नहीं करती और यह वित्तीय वर्ष 2024-25 का है।
शिकायत में दर्शन ने कहा कि प्रवीण पहले भी कई लोगों से जालसाजी कर चुका है। पुलिस उपायुक्त कार्यालय से जांच के आदेश के बाद 25 जून 2026 को थाना सेक्टर-7 मानेसर में केस दर्ज किया गया।
जांच अधिकारी नरेंद्र ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

