गुरुग्राम: जीवन में संतुलन बाहरी साधनों से नहीं, बल्कि साधना से आता है: बीके आशा
-ब्रह्माकुमारीज संस्थान ने अनिश्चित संसार में आंतरिक संतुलन विषय पर विशेष कार्यक्रम
गुरुग्राम, 03 अगस्त (हि.स.)। ब्रह्माकुमारीज संस्थान के सेक्टर-82 स्थित सेवाकेंद्र द्वारा प्रभात सेलिब्रेशंस में अनिश्चित संसार में आंतरिक संतुलन विषय पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर ओआरसी की निदेशिका राजयोगिनी बीके आशा दीदी ने अपना वक्तव्य दिया।
बीके आशा दीदी ने कहा कि आंतरिक संतुलन बाहरी साधनों से नहीं, बल्कि साधना से आता है।
उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते इस दौर में आध्यात्मिकता ही मनुष्य का सच्चा सहारा है, जो हमें आंतरिक रूप से शक्तिशाली बनाती है। राजयोग के अभ्यास से न केवल सकारात्मक परिवर्तन आता है, बल्कि जीवन तनाव और भय से भी मुक्त होता है। उन्होंने आगे कहा कि आत्मा का मूल स्वरूप शांत है, लेकिन भौतिक आकर्षणों के प्रभाव में आकर इसकी शक्ति क्षीण हो गई है। राजयोग के निरंतर अभ्यास से आत्मा पुन: अपने वास्तविक स्वरूप में लौट आती है। योग से एक ऐसी शक्ति जागृत होती है, जिससे हम कठिन परिस्थितियों में घबराने के बजाय उन्हें साक्षी भाव से देखना सीख जाते हैं।
इस विशेष अवसर पर अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता बीके शिवानी दीदी ने कहा कि बाहरी परिस्थितियां हमेशा हमारे नियंत्रण में नहीं होतीं, लेकिन अपने विचारों और प्रतिक्रियाओं को सही दिशा देकर मन को शांत और स्थिर रखा जा सकता है।
उन्होंने बताया कि हम जैसा सोचते हैं, वैसी ही ऊर्जा अपने संबंधों और वातावरण में प्रवाहित करते हैं। इसलिए, हर परिस्थिति में दोष मढऩे या चिंता करने के बजाय समाधान, स्वीकार्यता और सकारात्मक संकल्पों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने दिन की शुरुआत शुद्ध और शक्तिशाली विचारों के साथ करने तथा नियमित मेडिटेशन की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में मानेसर नगर निगम की मेयर डॉ. इंद्रजीत कौर यादव, आरवी अस्पताल की सीईओ डॉ. रेणु यादव, आरवी अस्पताल के सह-संस्थापक डॉ. विक्रम सिंह और फिल्बी रियल एस्टेट के संस्थापक संजय ककरालिया सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। संस्थान के सेक्टर-82 स्थित सेवा केंद्र की संचालिका बीके संध्या बहन ने मंच संचालन किया।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

