गुरुग्राम: खुले में घूमने वाले पशुओं को पकडऩे का एजेंसी को ठेका, काम शुरू
-दो क्लस्टरों में एजेंसी को सौंपा कार्य
-जोन-1 से 8 तक पशुओं की कैप्चरिंग व ट्रांसपोर्टेशन का कार्य शुरू
-डेयरी संचालकों को पशुओं को परिसर में बांधकर रखने की हिदायत
गुरुग्राम, 07 सितंबर (हि.स.)। नगर निगम गुरुग्राम की ओर से शहर के विभिन्न जोन को क्लस्टर में बांटकर पशुओं को पकडऩे एवं सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए एसआर एंटरप्राइजेज एजेंसी को कार्य सौंपा गया हैं। एजेंसी को दो वर्ष तक की आयु वाले बछड़ों तथा दो वर्ष से अधिक आयु वाले गाय एवं बैलों को पकडऩे और निर्धारित स्थान तक ले जाने का कार्य सौंपा गया है।
नगर निगम ने एजेंसी को निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अनुसार कार्य करने, आवश्यक वाहनों की तैनाती करने और कार्य का लॉग बुक में रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम ने डेयरी संचालकों एवं पशुपालकों को हिदायत दी है कि वे अपने पशुओं को अपने परिसर में ही सुरक्षित रूप से बांधकर रखें और उन्हें सडक़ों, गलियों या सार्वजनिक स्थानों पर खुला न छोड़ें। सडक़ों पर खुले घूमने वाले पशुओं के कारण वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है। विशेष रूप से रात के समय और व्यस्त सडक़ों पर अचानक सामने आने वाले पशुओं से गंभीर हादसे हो सकते हैं। नगर निगम द्वारा खुले में घूमने वाले पशुओं को पकडऩे की कार्रवाई के दौरान यदि कोई पशु डेयरी या पशुपालक का है, तो उस पशु को पकडक़र गौशाला में भेज दिया जाएगा।
पशु पकडऩे वाली टीमों के कार्य में बाधा न डालें
नगर निगम की पशु पकडऩे वाली टीमों द्वारा कार्रवाई के दौरान एक अन्य गंभीर समस्या भी सामने आती है। कई बार बाइकर ग्रुप/युवक कार्रवाई के दौरान टीमों के आसपास पहुंचकर उन्हें परेशान करते हैं या पशुओं को भगाने का प्रयास करते हैं। इससे कैप्चरिंग अभियान प्रभावित होने के साथ-साथ सडक़ पर अचानक दौड़ते पशुओं के कारण दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। नगर निगम ने ऐसे लोगों को भी चेतावनी दी है कि पशु पकडऩे वाली टीम के सरकारी कार्य में हस्तक्षेप न करें और पशुओं को न भगाएं। पशु को भगाने के दौरान वह अचानक सडक़ पर आ सकता है, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों की टक्कर की आशंका रहती है तथा पशु और आम नागरिक दोनों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

