गुरुग्राम: आर्टेमिस अस्पताल पर महिला के इलाज में लापरवाही का आरोप

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गुरुग्राम: आर्टेमिस अस्पताल पर महिला के इलाज में लापरवाही का आरोप


-महिला के पति ने अस्पताल प्रबंधन व दो सीनियर सर्जन पर लगाए गंभीर आरोप

गुरुग्राम, 29 अक्टूबर (हि.स.)। इलाज के दौरान एक महिला की मौत के मामले में उसके पति ने सेक्टर-51 स्थित आर्टेमिस अस्पताल प्रबंधन और दो सीनियर सर्जन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मृतका के पति सुनील कुमार निवासी राजेंद्रा कॉलोनी रोहतक ने पुलिस आयुक्त और स्वास्थ्य विभाग को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता सुनील कुमार के अनुसार, उनकी 41 वर्षीय पत्नी गीता को नसों की दिक्कत के चलते 13 अगस्त 2026 को आर्टेमिस अस्पताल में न्यूरोलॉजी विभाग में डॉ. सुमित सिंह से जांच कराई गई थी। जांच के बाद गीता को इलाज के लिए भर्ती कर लिया गया। प्लेक्स के 5 राउंड के बाद 25 अगस्त को पेट दर्द की शिकायत पर सीटी स्कैन किया गया। गीता को अपेंडिक्स बताकर 27 अगस्त को जनरल सर्जरी विभाग के डॉ. राकेश दुरखुरे और डॉ. मुंजाल बावा की टीम ने ऑपरेशन किया। परिजन का आरोप है कि पहले ऑपरेशन के बाद ही मरीज की हालत बिगड़ गई और उसे आईसीयू में हाई ऑक्सीजन पर रखना पड़ा। इस दौरान परिवार से आईवीआईजी इंजेक्शन के नाम पर लगभग 5 लाख रुपये और लिए गए। 17 सितंबर को हुए पैट स्कैन और अल्ट्रासाउंड में आंत लीक जैसी कोई बात सामने नहीं आई। शिकायत में कहा गया है कि 18 सितंबर को 40 एमएल इंफेक्शन बताकर दोबारा ऑपरेशन का दबाव बनाया गया, जबकि उस समय मरीज का वजन 56 किलो से घटकर 45 किलो रह गया था। वह 35 दिन से बेड पर थी।

परिजन के अनुसार बिना नया सिटी स्कैन या एमआरआई किए सिर्फ एक रेफरल नोट के आधार पर 19 सितंबर की रात 8 बजे दूसरा ऑपरेशन कर दिया गया। महिला के पति का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने बताया कि पेट में एक पत्ता (लीफ) मिला है और आंत लीक है। जिसके लिए पूरा पेट खोलना पड़ा और 30 टांके लगाए गए। सुनील कुमार के मुताबिक न तो उन्हें वह पत्ता दिखाया गया और न ही निकाले गए इंफेक्शन को लैब जांच के लिए भेजा गया। 25 सितंबर को टीएलसी 22,000 होने के बावजूद मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया। दो दिन बाद 27 सितंबर को सांस लेने में तकलीफ होने पर दोबारा इमरजेंसी में भर्ती किया गया, जहां इंफेक्शन पूरे शरीर में फैलने से मल्टी ऑर्गन फेल्योर बताया गया। 29 सितंबर को अलसुबह 03:30 बजे गीता की मौत हो गई। गीता के पति सुनील कुमार का आरोप है कि इस पूरे इलाज के दौरान अस्पताल ने उनसे लगभग 20 लाख रुपये वसूल लिए। उन्होंने अस्पताल का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड सीज कर मेडिकल बोर्ड से जांच कराने और संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ लापरवाही से मौत की धाराओं में कार्रवाई की मांग की है।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

Livevns.news Desk
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