कॉलेज प्रोफेसरों को पासपोर्ट एनओसी के लिए देनी होगी विजिलेंस क्लीयरेंस

WhatsApp Channel Join Now

चंडीगढ़, 22 अक्टूबर (हि.स.)। उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में कार्यरत प्रोफेसरों, एसोसिएट प्रोफेसरों और असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया को लेकर सख्त कदम उठाया है। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि प्राचार्यों को यह प्रमाणित करना होगा कि आवेदक के खिलाफ नियम-7 के तहत कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई या विजिलेंस केस पेंडिंग नहीं है। साथ ही आवेदक को यह अंडरटेकिंग भी देनी होगी कि वह विदेश में जाकर छुट्टी बढ़ाने की अर्जी नहीं देगा और न ही वहां कोई नौकरी/सेवा करेगा।

निदेशालय ने पाया है कि कॉलेजों के प्राचार्य बिना रिकॉर्ड की सही जांच किए और अधूरे दस्तावेजों के साथ पासपोर्ट एनओसी की फाइलें भेज रहे हैं। इससे मुख्यालय में बेवजह की लिखापढ़ी होती है और मामलों में देरी होती है।

इस अव्यवस्था को खत्म करने के लिए उच्च शिक्षा महानिदेशक कार्यालय (पंचकूला) की ओर से प्रदेश के सभी सरकारी कॉलेजों के प्राचार्यों को दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। अब प्राचार्यों को 5 प्रमुख बिंदुओं की चेकलिस्ट के आधार पर फाइल की पूरी जांच करने के बाद ही एनओसी के केस मुख्यालय भेजने होंगे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

764929 Articles

Share this story