कैथल: हरियाणवी संगीत में गिरावट के लिए पंजाब की कंपनियां जिम्मेदार : गजेंद्र फाेगाट
कैथल, 23 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री नायब सैनी के ओएसडी गजेंद्र फोगाट ने हरियाणवी संगीत की बिगड़ती दिशा पर चिंता जताते हुए इसके लिए पंजाब के कलाकारों और म्यूजिक कंपनियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पंजाब की कंपनियों ने हरियाणा के गायकों को प्रभावित किया है, जिससे गन कल्चर जैसे गानों की होड़ शुरू हुई। हालांकि उन्होंने कहा कि हरियाणा के गायक स्वभाव से शरारती नहीं हैं, लेकिन कई बार पड़ोसी माहौल का असर पड़ जाता है।
गजेंद्र फोगाट सोमवार को पूंडरी स्थित मांग बगलामुखी धाम में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब किसी भी कला में व्यवसाय हावी हो जाता है, तो उसमें अच्छी-बुरी दोनों तरह की चीजें शामिल होने लगती हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे बाढ़ में साफ पानी के साथ गंदा पानी भी बहकर आ जाता है, वैसे ही हरियाणवी संगीत में भी अच्छे गानों के साथ अश्लीलता और नकारात्मकता बढ़ी है। फोगाट ने कहा कि सच्चाई को समय पर कहना जरूरी होता है, चाहे वह कुछ लोगों को चुभे। आज भी कई ऐसे गाने हैं जो बिना अश्लीलता के अमर बने हुए हैं। संगीत को यदि ईश्वर की आराधना के रूप में प्रस्तुत किया जाए तो वह साधना बन जाता है, लेकिन उसमें अश्लीलता मिलाने से वह अपराध की श्रेणी में आ सकता है।
गानों पर बैन न्यायपालिका के आदेश से
कुछ गानों पर बैन के सवाल पर फोगाट ने स्पष्ट किया कि यह फैसला न्यायपालिका के आदेश के अनुसार लिया गया है, इसमें उनका व्यक्तिगत कोई हस्तक्षेप नहीं है। उन्होंने बताया कि अब तक 60 से अधिक गाने बैन हो चुके हैं, जिनमें किसी एक कलाकार को निशाना नहीं बनाया गया है। हाल ही में ‘टटीरी’ गाना भी प्रतिबंधित किया गया है।
हरियाणा के कलाकार पंजाब को दे रहे टक्कर
गजेन्द्र फोगाट ने कहा कि वर्तमान में हरियाणा के गायक पंजाब के कलाकारों के बराबर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने संत परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश के संतों ने भक्ति काल में हरियाणा की संस्कृति को समृद्ध किया, जिसकी छाप आज भी दिखाई देती है।
कलाकारों के लिए शुरु हाेगी पेंशन
गजेन्द्र ने बताया कि कलाकारों के लिए जल्द ही पेंशन योजना शुरू की जाएगी। साथ ही हरियाणवी फिल्मों के निर्माण के लिए सरकार द्वारा सब्सिडी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि अब बॉलीवुड के गायक भी अपने कार्यक्रमों में हरियाणा के कलाकारों को मंच दे रहे हैं, जो प्रदेश के संगीत के बढ़ते प्रभाव का संकेत है।
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

