कैथल : विभागाध्यक्ष करेंगे सरकारी स्कूलों का निरीक्षण, रिपोर्ट के आधार पर होगी साप्ताहिक समीक्षा

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कैथल, 27 फ़रवरी (हि.स.)। जिले के सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने एक नई पहल की है। अब विभिन्न विभागों के अध्यक्ष स्वयं स्कूलों का निरीक्षण करेंगे और वहां की वास्तविक स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शिक्षा विभाग को सौंपेंगे। इन रिपोर्टों के आधार पर प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाले समाधान शिविर में समीक्षा की जाएगी तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

उपायुक्त की ओर से

जारी आदेशों के अनुसार शिक्षा विभाग द्वारा तैयार सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर विभागाध्यक्ष स्कूलों का दौरा करेंगे। निरीक्षण के दौरान स्कूल भवनों की स्थिति, पेयजल व्यवस्था, शौचालयों की उपलब्धता और साफ-सफाई, मिड डे मील की गुणवत्ता, कक्षाओं की स्थिति, विद्यार्थियों को उपलब्ध सुविधाएं तथा अध्यापकों की संख्या जैसे सभी पहलुओं का बारीकी से मूल्यांकन किया जाएगा।

उपायुक्त ने शुक्रवार को स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट केवल औपचारिकता न होकर वास्तविक स्थिति को दर्शाने वाली होनी चाहिए, ताकि जमीनी स्तर पर कमियों की पहचान की जा सके। जहां भी किसी प्रकार की खामी पाई जाएगी, संबंधित विभाग को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।

एडीसी डॉ. सुशील कुमार ने समाधान शिविर में उपस्थित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभागाध्यक्ष निर्धारित समय में स्कूलों का निरीक्षण सुनिश्चित करें। स्कूलों के सौंदर्यकरण से लेकर आधारभूत सुविधाओं तक हर बिंदु की रिपोर्ट तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि समाधान शिविरों में इन रिपोर्टों की साप्ताहिक समीक्षा होगी और जिन मामलों में सुधार की आवश्यकता होगी, वहां जिम्मेदार विभागों को समयबद्ध कार्रवाई करनी होगी।

एडीसी डॉ. सुशील कुमार ने कहा कि सभी अधिकारी समाधान शिविर में आने वाली सभी शिकायतों का समयबद्ध निपटान करें, वहीं अन्य पोर्टलों पर लंबित शिकायतों का भी जल्द समाधान करें। नागरिकों की समस्याओं को अच्छे व्यवहार के साथ सुना जाए।

एडीसी ने कहा कि जिला में लगाए जा रहे समाधान शिविरों में अब तक कुल 5539 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, इनमें से 5010 का समाधान किया जा चुका है। इस समय 26 शिकायतें लंबित है, संबंधित विभागों द्वारा इन पर कार्यवाही की जा रही है। अन्य शिकायतों में कुछ रिजेक्ट की गई हैं, कुछ रि- ओपन तथा कुछ मामले कोर्ट में लंबित हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

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