कैथल: रिश्वत के आराेपी सहायक रजिस्ट्रार ऋषि महाजन काे विभाग ने किया निलंबित

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कैथल, 27 फ़रवरी (हि.स.)। कोऑपरेटिव सोसाइटी में नौकरी दिलाने के नाम पर 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़े गए सहायक रजिस्ट्रार के खिलाफ सहकारिता विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने शुक्रवार काे सहायक रजिस्ट्रार ऋषि कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार काे कोऑपरेटिव सोसाइटी कैथल के सहायक रजिस्ट्रार ऋषि कुमार और निरीक्षक जसबीर को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। शिकायत गांव पाड़ला निवासी मांगेराम ने दी थी, जिसने अपने पोते अभिमन्यू को चतुर्थ श्रेणी की नौकरी दिलवाने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। एसीबी ने कार्रवाई करते हुए दोनों को काबू किया था।

अब इस मामले में सहकारिता विभाग ने विभागीय कार्रवाई करते हुए केवल सहायक रजिस्ट्रार ऋषि कुमार को निलंबित किया है। एसीएस सहकारिता की ओर से सस्पेंशन आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार जांच पूरी होने तक ऋषि कुमार किसी भी प्रशासनिक या वित्तीय कार्य से दूर रहेंगे।

सूत्रों के अनुसार, ऋषि कुमार की पूर्व मामलों में भी संदिग्ध भूमिका की जांच की जा रही है। विभाग पुराने रिकॉर्ड खंगाल रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पहले भी नियुक्तियों या अन्य कार्यों में किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं हुई। निलंबन के पहले छह महीनों के दौरान ऋषि महाजन अवकाश वेतन और महंगाई भत्ते के बराबर राशि पर निर्वाह भत्ते के हकदार होंगे, जो उन्हें आधे औसत या आधे वेतन पर छुट्टी पर होने पर मिलता। यदि निलंबन की अवधि छह माह से अधिक हो जाती है तो उसे जीवन निर्वाह भत्ता की दर इस शर्त के अधीन दी जाएगी कि वह इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेगा कि वह किसी अन्य रोजगार, व्यवसाय में संलग्न नहीं है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय रजिस्ट्रार सहकारी समितियां हरियाणा पंचकुला के कार्यालय में रहेगा। एसीबी की जांच अभी जारी है और पूरे मामले में अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

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