कैथल: पेंशनरों ने किया आक्रोश प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
कैथल, 21 अप्रैल (हि.स.)। अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्ज फेडरेशन के आह्वान पर कैथल जिले में बड़ी संख्या में रिटायर्ड कर्मचारियों ने मंगलवार को लघु सचिवालय परिसर में आक्रोश प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद एसडीएम कैथल के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए पेंशनरों की लंबित मांगों के समाधान की मांग उठाई गई।
प्रदर्शन की अध्यक्षता प्रधान रमेश हरित ने की। इस दौरान राज्य उपप्रधान मास्टर गुलाब सिंह, जिला नेता जसबीर सिंह, धूप सिंह सिरोही, ईश्वर ढांडा, दिलबाग पोलड़, सुरेश पाल शर्मा, बलबीर ढुल, राजकुमार सिसमौर, ईश्वर सिरोही व अनूप सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने सभा को संबोधित किया।
वक्ताओं ने कहा कि रिटायर्ड कर्मचारी वरिष्ठ नागरिक हैं, जिन्होंने विभिन्न विभागों में वर्षों तक सेवाएं दी हैं। ऐसे में उनकी मांगों और समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग की अधिसूचना से पेंशनरों को बाहर रखकर उनके साथ भेदभाव किया है। उन्होंने मांग की कि अधिसूचना में संशोधन कर पेंशनरों को भी वेतन आयोग के सभी लाभ दिए जाएं।
पेंशनरों की मुख्य मांगों में वित्त विधेयक 2025 को रद्द करना, पुरानी पेंशन योजना बहाल करना, कम्यूटेशन की रिकवरी 11 साल में पूरी करना, आयु बढ़ने पर पेंशन में बढ़ोतरी, सभी पेंशनभोगियों को चिकित्सा बीमा सुविधा उपलब्ध करवाना शामिल है। ब्लॉक स्तर के नेताओं मामूराम सिरोही, रामफल गूहना, सतपाल बेदी, मास्टर रघुबीर करोड़ा, पूर्णचंद सैनी, विकास आनंद व रामफल गौड़ ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को सरकार के समक्ष उठा रहे हैं, लेकिन लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन में किराए में छूट देने और निजी सहकारी बसों में पेंशनरों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार पर भी चिंता जताई।
सभा का संचालन सचिव जयप्रकाश शास्त्री ने किया। सर्व कर्मचारी संघ के वरिष्ठ नेता छज्जू राम ने कहा कि आने वाले समय में मजदूर वर्ग को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने निजीकरण पर रोक लगाने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और नए लेबर कोड वापस लेने की मांग भी उठाई।
सभा में अग्निशमन विभाग के आंदोलनरत कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया गया। साथ ही कच्चे कर्मचारियों को न्यायालय के फैसलों के अनुसार नियमित करने और सुविधाएं देने की मांग की गई। इस मौके पर राजेंद्र कौलेखां, सतबीर मोर, बलदेव सिंह, सूबे सिंह, रामकरण,धूम सिंह राणा, सत्यवान, रमेश गिल, धनपत कौशिक सहित अनेक पेंशनर मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

