कैथल: पीआर धान की खरीद में देरी पर किसानों ने किया हंगामा
कैथल, 05 अक्टूबर (हि.स.)। नई अनाज मंडी में सोमवार को पीआर धान की खरीद में देरी से नाराज किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय का घेराव कर रोष जताया। किसानों ने कार्यालय का गेट बंद कर प्रदर्शन किया और बाद में मार्केट कमेटी सचिव के कार्यालय में पहुंचकर अपनी नाराजगी जाहिर की। इस दौरान किसानों और मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र ढुल के बीच तीखी बहस भी हुई। बाद में सचिव ने किसानों और वेयर हाउस एजेंसी के कर्मचारियों से बातचीत कर मौके पर ही खरीद शुरू करवाई।
किसानों का आरोप था कि वेयर हाउस एजेंसी के अधिकारी धान की खरीद शुरू करने में देरी करते हैं और नमी के नाम पर खरीद से बचने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि धान में 200 से 250 रुपये तक का कट लगाकर उन्हें नुकसान पहुंचाया जा रहा है। किसानों का कहना था कि कई बार शिकायत के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा।
सोमवार को वेयर हाउस एजेंसी की टीम नई अनाज मंडी में पीआर धान की खरीद के लिए पहुंची थी। एजेंसी के कर्मचारियों ने किसानों और आढ़तियों से कहा कि साफ की गई धान की ढेरी ही खरीदी जाएगी और इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक पंखे से धान की झराई करवानी होगी। इस पर किसानों ने विरोध जताते हुए कहा कि मंडी में कई वर्ष पहले से पंखा बंद पड़ा है और अब मजदूर धान में पंखा नहीं लगाते।
इसके बाद किसान मार्केट कमेटी कार्यालय में एकत्रित हो गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसान केशा राम, नरेंद्र और सतबीर ने आरोप लगाया कि 17 प्रतिशत से कम नमी होने के बावजूद धान में कट लगाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आढ़तियों, मिलर्स और एजेंसी अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। किसानों ने एसडीएम और डीसी से मंडियों का दौरा कर स्थिति की जांच कराने की मांग की।
किसान नेता केशा राम ने किसानों से अपील की कि वे अपना पोर्टल न बेचें और धान को निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ही बेचें। उन्होंने कहा कि यदि कोई आढ़ती किसानों को परेशान करता है तो उसकी शिकायत मार्केट कमेटी कार्यालय में की जानी चाहिए, ताकि कार्रवाई हो सके।
वहीं मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र ढुल ने कहा कि किसान मौखिक रूप से कम भाव पर धान खरीदने की बात कहते हैं, लेकिन लिखित शिकायत नहीं देते। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र ढुल ने बताया कि सोमवार को मंडी में वेयर हाउस की खरीद निर्धारित थी। खरीद में देरी के कारण किसान उनके पास पहुंचे थे। किसानों और एजेंसी के अधिकारियों से बातचीत के बाद मामला शांत करवाकर खरीद शुरू करवा दी गई। उन्होंने कहा कि तय नियमों के अनुसार ही धान की खरीद की जा रही है।
वेयर हाउस एजेंसी के प्रबंधक अजय ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक पंखे से झराई के बाद साफ किए गए धान की खरीद की जाएगी। उन्होंने कहा कि 17 प्रतिशत तक नमी वाले धान की खरीद निर्धारित नियमों के अनुसार की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

