कैथल: नगर परिषद की बैठक में 113.27 करोड़ का बजट पेश, विकास कार्यों पर रहेगा फोकस
कैथल, 08 अप्रैल (हि.स.)। नगर परिषद कार्यालय में बुधवार को आयोजित हाउस की बैठक में शहर के विकास के लिए 113 करोड़ 27 लाख रुपये का बजट पेश किया गया। सभी पार्षदों की सहमति से बजट पारित किया गया, जो पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 21 करोड़ रुपये अधिक है। बीते साल 92 करोड़ 46 लाख 15 हजार रुपये का बजट पेश किया गया था, जबकि वर्ष 2024-25 में 82.76 करोड़ और 2023-24 में 61.11 करोड़ रुपये का बजट रखा गया था।
बैठक में 20 से अधिक पार्षद मौजूद रहे। हालांकि बजट को लेकर कुछ पार्षदों ने आपत्ति भी जताई। वार्ड नंबर 11 की पार्षद सुशीला शर्मा ने आरोप लगाया कि बैठक का एजेंडा अधूरा दिया गया और आय-व्यय का पूरा विवरण साझा नहीं किया गया। उन्होंने इसे अधिकारियों की लापरवाही बताते हुए पार्षदों की अनदेखी का मुद्दा उठाया।
नगर परिषद द्वारा प्रस्तुत बजट के अनुसार कुल अनुमानित आय 79 करोड़ 35 लाख 65 हजार 701 रुपये है। इसमें प्रॉपर्टी टैक्स से छह करोड़ रुपये, स्टांप ड्यूटी से 1.65 करोड़ रुपये, डेवलपमेंट चार्ज से 7.41 करोड़ रुपये और विभिन्न फीस से 44 लाख रुपये की आय होगी। इसके अलावा किराये से 80 लाख रुपये, सरकारी ग्रांट से 49.60 करोड़ रुपये, लोन से 26 लाख रुपये और सिक्योरिटी मद से 70 लाख रुपये प्राप्त होंगे। नगर परिषद के पास वर्तमान में करीब 54 करोड़ रुपये की राशि शेष है, जो विकास कार्यों पर खर्च की जानी है। इसमें से 45 करोड़ रुपये सिटी स्क्वेयर प्रोजेक्ट के लिए जमा हैं, जो वर्ष 2018 से अधूरा पड़ा है। इसके अलावा करीब साढ़े चार करोड़ रुपये रेलवे अंडरपास परियोजना के लिए भी उपलब्ध हैं, लेकिन यह कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका।
बैठक में वार्ड नंबर 22 के पार्षद राजेश सिसोदिया ने रेलवे अंडरपास का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में रेलवे फाटक बंद होने के बाद रामनगर सहित करीब 25 कॉलोनियों के लोग परेशान हैं। मंडियों में गेहूं सीजन के चलते समस्या और बढ़ गई है। उन्होंने जल्द अंडरपास निर्माण या फाटक खोलने की मांग की। बैठक के दौरान सिटी स्क्वेयर प्रोजेक्ट का मुद्दा भी उठा, जो कई वर्षों से अधूरा है। पार्षदों ने इस पर जल्द कार्य पूरा कराने की मांग की।
नगर परिषद चेयरपर्सन सुरभि गर्ग ने बताया कि 113.27 करोड़ रुपये का बजट सभी पार्षदों की सहमति से पास किया गया है। बैठक में उठाए गए अन्य मुद्दों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सेक्टर-20 की सड़कों की खराब स्थिति को लेकर ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है और स्वयं निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही अवैध कब्जों को हटाने के लिए पार्षदों की कमेटी बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नगर परिषद शहर के विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करेगी, ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
सेक्टर-20 की सड़कों के निर्माण में लापरवाही को लेकर हंगामा
कैथल नगर परिषद की बजट बैठक में सेक्टर-20 की सड़कों के निर्माण में लापरवाही को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। पार्षदों और चेयरपर्सन सुरभि गर्ग ने कार्यकारी अभियंता ज्ञान प्रकाश वधवा से जवाब मांगा। पार्षदों ने ठेकेदार की मनमानी और अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप लगाए। वधवा ने नोटिस जारी करने की बात कही। बैठक में अवैध कब्जों का मुद्दा भी उठा। वहीं चेयरपर्सन द्वारा फोन न उठाने पर पार्षदों में तीखी बहस हुई और इस्तीफे की मांग तक कर दी गई। अन्य पार्षदों ने आपसी विवाद छोड़ विकास कार्यों पर ध्यान देने की अपील की।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

