कर्मचारी की ओल्ड पेंशन पर तीन माह में फैसला करे सरकार: हाई कोर्ट
- हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार को दिए निर्देश
चंडीगढ़, 06 अगस्त (हि.स.)। पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने अनुकंपा आधार पर नियुक्त कर्मचारी की पुरानी पेंशन योजना (ओल्ड पेंशन स्कीम-ओपीएस) का लाभ देने संबंधी मांग पर हरियाणा सरकार को तीन महीने के भीतर कारण युक्त (स्पीकिंग) आदेश पारित करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने कहा कि संबंधित प्राधिकारी याचिकाकर्ता को सुनवाई का अवसर देने के बाद उसके कानूनी नोटिस पर तय समयसीमा में निर्णय ले और यदि वह राहत का पात्र पाया जाता है तो उसे तत्काल लाभ प्रदान किया जाए। जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने यह आदेश राजेश कुमार की याचिका का निपटारा करते हुए पारित किया। याचिका में राजेश कुमार ने मांग की थी कि उसे नई पेंशन योजना (एनपीएस) के बजाय पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए।
उसका कहना था कि उसने मई-जून 2005 में, यानी नई पेंशन योजना लागू होने से पहले, अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन कर दिया था। नियुक्ति मिलने में हुई देरी उसकी वजह से नहीं हुई, इसलिए पेंशन योजना तय करने के लिए नियुक्ति की तारीख नहीं बल्कि आवेदन की तारीख को आधार बनाया जाना चाहिए।
याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि पंजाब सरकार ने 22 मई 2025 की अधिसूचना तथा केंद्र सरकार ने 22 जून 2026 की अधिसूचना जारी कर अनुकंपा आधार पर नियुक्त कर्मचारियों को आवेदन की तारीख के आधार पर पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने का प्रावधान किया है।
उसने इसी आधार पर हरियाणा सरकार से भी समान नीति अपनाने की मांग की थी। इस संबंध में उसने 26 फरवरी 2026 और 30 जून 2026 को कानूनी नोटिस भी भेजे, लेकिन उन पर कोई निर्णय नहीं लिया गया।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि यदि अदालत उसके 30 जून 2026 के कानूनी नोटिस पर निर्धारित समय में स्पीकिंग ऑर्डर पारित करने का निर्देश दे देती है तो वह उसी से संतुष्ट रहेगा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ता के 30 जून 2026 के कानूनी नोटिस पर विचार करे, उसे व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दे और प्रमाणित प्रति प्राप्त होने की तारीख से तीन महीने के भीतर कारणयुक्त आदेश पारित करे।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

