आईपीएस पूरन कुमार की बेटी को नौकरी देगी सरकार

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विधानसभा में कांग्रेस विधायक ने उठाया मुद्दा को सरकार ने दिया जवाब

चंडीगढ़, 24 फ़रवरी (हि.स.)। हरियाणा विधानसभा में आत्महत्या करने वाले आईपीएस वाई पूरण कुमार के परिजनों को नौकरी नहीं देने तथा कुरुक्षेत्र में बनाए जा रहे संत रविदास म्यूजियम को लेकर जमकर हंगामा हुआ। मंगलवार को शून्यकाल के दौरान कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल ने यह मुद्दा उठाया।

सेलवाल ने कुरुक्षेत्र में 110 करोड़ रुपए में बन रहे म्यूजियम पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सरकार को यदि संत रविदास जी के नाम पर यदि कुछ बनाना है तो एक यूनिवर्सिटी बनाओ। उसमें म्यूजियम बनाओ।

खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इन्हें माफी मांगनी चाहिए। गुरुओं के नाम पर इस तरह के बयान दे रहे हैं। वहीं कैबिनेट मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि ये गुरु रविदास जी का विरोध कर रहे हैं।

कांग्रेस विधायक ने नरेश सेलवाल ने आईपीएस वाई.पूरन कुमार की आत्महत्या का मामला उठाया। सेलवाल ने कहा कि सरकार दलित विरोधी है। जैसे आपने एएसआई संदीप लाठर की पत्नी को नौकरी दी, वैसे ही वाई पूरन कुमार की बेटी को भी नौकरी देनी चाहिए। मुआवजा भी देना चाहिए। इस मुद्दे पर जब सदन में विवाद बढ़ा तो कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि सरकार की ओर से वाई पूरन कुमार की बेटी को नौकरी का ऑफर किया गया है। वह आवेदन करेंगी तो सरकार उन्हें नौकरी देने के लिए तैयार है।

पंवार ने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज से संबंधित मुद्दे पर बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल तथा वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में कुरुक्षेत्र जिले के उमरी में गुरु रविदास धाम के निर्माण के लिए 5 एकड़ भूमि नि:शुल्क उपलब्ध करवाई गई है। इस धाम परिसर में छात्रावास, लंगर हॉल, संत गुरु रविदास जी महाराज की भव्य प्रतिमा तथा संग्रहालय का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 125 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिनमें से लगभग 90 करोड़ रुपये के कार्यों के टेंडर जारी किए जा चुके हैं।

कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि कुछ सदस्यों द्वारा इस विषय पर आपत्ति जताई जा रही है, जबकि जीटी रोड के साथ लगती इस 5 एकड़ भूमि का बाजार मूल्य ही 50 करोड़ रुपये से अधिक है, जिसे सरकार ने संत गुरु रविदास जी महाराज के नाम पर नि:शुल्क उपलब्ध कराया है। यह निर्णय समाज के सभी वर्गों के सम्मान और संत परंपरा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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