सिरसा: योग केवल व्यायाम नहीं, संपूर्ण जीवन पद्धति है: मुख्यमंत्री

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सिरसा: योग केवल व्यायाम नहीं, संपूर्ण जीवन पद्धति है: मुख्यमंत्री


सिरसा: योग केवल व्यायाम नहीं, संपूर्ण जीवन पद्धति है: मुख्यमंत्री


सिरसा, 19 जून (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि योग भारत की सनातन संस्कृति का वह अमूल्य उपहार है, जिसे हमारे ऋषि-मुनियों ने संपूर्ण मानवता के कल्याण के लिए दिया है। हजारों वर्ष पूर्व प्रारंभ हुई योग की यात्रा आज वैश्विक स्वरूप धारण कर चुकी है। योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि शरीर, मन, आत्मा और समाज को जोडऩेे वाली एक संपूर्ण जीवन पद्धति है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को सिरसा डेरा बाबा भूमणशाह में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित योग अभ्यास कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 21 जून को पूरा विश्व अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने जा रहा है। इसी क्रम में हरियाणा के विभिन्न जिलों में योग अभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज योग अंतरराष्ट्रीय स्वरूप ले चुका है। प्रधानमंत्री के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया। उस समय 177 देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया था और आज विश्व का लगभग हर देश योग से जुड़ चुका है।

उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर से लेकर पेरिस के एफिल टावर तथा टोक्यो से टोरंटो तक योग के माध्यम से भारत की आध्यात्मिक विरासत को सम्मान मिल रहा है। यह भारत की वह शक्ति है, जो तलवार से नहीं बल्कि तपस्या और संस्कृति के बल पर स्थापित हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योगासन को खेल का दर्जा मिला तथा ‘खेलो इंडिया यूथ गेम्स’ में भी योगासन को शामिल किया गया। प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए संदेश ‘खेलेगा भारत तो खिलेगा भारत’ और ‘योग की डोज, आधा घंटा रोज’ आज जन-जन के लिए प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 6500 गांवों में व्यायामशालाएं स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनमें से 889 का निर्माण पूरा हो चुका है। 859 आयुष योग सहायकों की नियुक्ति की जा चुकी है। प्रदेश के 397 आयुष औषधालयों तथा 109 उप-स्वास्थ्य केंद्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में अपग्रेड किया गया है तथा इनमें 156 योग प्रशिक्षकों की नियुक्ति की गई है।

मुख्यमंत्री ने बाबा भूमणशाह महाराज को महान समाज सुधारक एवं लोककल्याणकारी संत बताते हुए कहा कि उन्होंने भूखे को अन्न, भटके को राह और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान देने का संदेश दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गद्दीनशीन बाबा ब्रह्मदास महाराज ने कहा कि जीवन में निरंतर योग करना चाहिए। नियमित योग करने से व्यक्ति निरोग रहता है, मन शांत रहता है तथा अध्यात्म का मार्ग प्रशस्त होता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma

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