हिसार: योग जीवन का सार, देश में सदियों से हो रहा योग: प्रो. विनोद छोकर

हिसार: योग जीवन का सार, देश में सदियों से हो रहा योग: प्रो. विनोद छोकर
हिसार: योग जीवन का सार, देश में सदियों से हो रहा योग: प्रो. विनोद छोकर


हिसार: योग जीवन का सार, देश में सदियों से हो रहा योग: प्रो. विनोद छोकर


अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में 12 दिवसीस योग प्रशिक्षण शुरू

हिसार, 10 जून (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के फिजियोथेरेपी विभाग में 10वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष में सोमवार से 12 दिवसीय सामान्य योगाभ्यास प्रशिक्षण कार्यक्रम व योग शिविर का शुभारंभ किया गया। इस शिविर में प्रतिदिन 21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक विभिन्न योगिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. विनोद छोकर उद्घाटन समारोह के मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि विश्वविद्यालय के तकनीकी सलाहकार प्रो. संदीप राणा समारोह के विशिष्ट अतिथि थे।

मुख्यातिथि कुलसचिव प्रो. विनोद छोकर ने योग शिविर में सभी उपस्थित योग प्रशिक्षकों व प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुुए योग को जीवन का सार बताया। उन्होंने कहा कि भारत में योग सदियों से किया जा रहा है, लेकिन इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाने की शुरुआत सबसे पहले वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। 21 जून को योग दिवस मनाए जाने का सबसे बड़ा कारण यह था कि इस दिन पृथ्वी के उत्तरी गोलार्द्ध का सबसे लंबा दिन होता है। जिसे भारत के कुछ स्थानों पर 'ग्रीष्म संक्रांति' का दिन कहकर भी बुलाया जाता है। भारतीय परंपरा के अनुसार 'ग्रीष्म संक्रांति' के बाद सूर्य का स्थान दक्षिणायन हो जाता है। इसलिए ऐसा माना जाता है कि सूर्य के दक्षिणायन का समय आध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त करने में बहुत लाभकारी होता है।

विशिष्ट अतिथि प्रो. संदीप राणा ने योग के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए योग साधना को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्रभावी बताया। उन्होंने कहा कि योग मनुष्य के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। योग के निरंतर अभ्यास से शारीरिक बीमारियों के अलावा मानसिक समस्याओं से भी निजात पाई जा सकती है।

चिकित्सा विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता प्रो. सुमित्रा सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भारत की उस प्राचीन योग पद्धति का प्रतीक है, जिसने दुनियाभर के लोगों को योग के माध्यम से एक सूत्र में बांधने का प्रयास किया है। आयुष विभाग से एएमओ डॉक्टर मोनिका बांगा ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम 'महिला सशक्तिकरण के लिए योग' विषय पर अपने वक्तव्य दिया।

हिन्दुस्थान समाचार/राजेश्वर/संजीव

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