सोनीपत: कार्य स्थल पर महिलाओं की सुरक्षा अनिवार्य : नेहा सिंह
सोनीपत, 06 जुलाई (हि.स.)। सोनीपत
उपायुक्त नेहा सिंह ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सुनिश्चित
करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सोमवार को उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ
किसी भी प्रकार का यौन उत्पीड़न न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि उनके मौलिक अधिकारों
का भी उल्लंघन है। इसलिए सभी सरकारी और निजी संस्थानों को कार्यस्थल पर महिलाओं का
यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम-2013 का प्रभावी ढंग से पालन
करना चाहिए।
उपायुक्त
ने बताया कि यह अधिनियम केवल नियमित महिला कर्मचारियों पर ही नहीं, बल्कि संविदा कर्मियों,
इंटर्न, प्रशिक्षणार्थियों, परामर्शदाताओं, स्वयंसेवकों, घरेलू कामगारों तथा अन्य सभी
कार्यरत महिलाओं पर समान रूप से लागू होता है। बिना सहमति के अनुचित स्पर्श, यौन संबंधी
मांग, अश्लील टिप्पणी, अभद्र संदेश, ई-मेल या सोशल मीडिया के माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री
भेजना कानून के तहत दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला को सुरक्षित कार्यस्थल,
शिकायत दर्ज कराने, गोपनीयता बनाए रखने तथा निष्पक्ष और समयबद्ध जांच का अधिकार प्राप्त
है। अधिनियम की धारा-16 के अनुसार शिकायतकर्ता, प्रतिवादी, गवाहों और जांच से जुड़ी
सभी जानकारियों को गोपनीय रखना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध
सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त
ने सभी सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों, शैक्षणिक संस्थानों और निजी प्रतिष्ठानों
को निर्देश दिए कि जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां आंतरिक शिकायत
समिति का गठन अनिवार्य रूप से किया जाए तथा उसमें एक बाह्य सदस्य भी शामिल किया जाए।
साथ ही कर्मचारियों के लिए समय-समय पर जागरूकता एवं संवेदनशीलता कार्यक्रम आयोजित किए
जाएं।
उन्होंने
बताया कि पीड़ित महिला अपनी शिकायत संस्थान की आंतरिक शिकायत समिति, जिला स्तरीय स्थानीय
समिति, अधिसूचित नोडल अधिकारी या केंद्र सरकार के शी-बॉक्स पोर्टल के माध्यम से भी
दर्ज करा सकती है। उपायुक्त ने कहा कि महिलाओं को भयमुक्त और सम्मानजनक कार्य वातावरण
उपलब्ध कराना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना

