यमुनानगर:डिलीवरी के बाद महिला बैंककर्मी की मौत, अस्पताल पर लापरवाही के आरोप
यमुनानगर, 28 मई (हि.स.) यमुनानगर के रेलवे रोड स्थित एक निजी अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 28 वर्षीय महिला की मौत हो जाने से विवाद खड़ा हो गया। मृतका के परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
मृतका की पहचान आजाद नगर निवासी एकता के रूप में हुई है, जो दिल्ली स्थित एचडीएफसी बैंक में कैशियर के पद पर कार्यरत थी। वह नौ माह की गर्भवती थी। परिवार के अनुसार विवाह के बाद वह अपने पति चिराग अरोड़ा के साथ दिल्ली में रह रही थी, लेकिन प्रसव के चलते पिछले कुछ समय से यमुनानगर में ससुराल पर रह रही थी। उसका उपचार रेलवे रोड स्थित निजी अस्पताल में चल रहा था।
परिजनों का आरोप है कि बुधवार को सामान्य स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराने के बाद महिला को इंजेक्शन दिए गए, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। बाद में चिकित्सकों ने सिजेरियन ऑपरेशन किया, जिसके जरिए बच्ची का जन्म हुआ। परिवार का कहना है कि शुरुआत में मां और नवजात दोनों को स्वस्थ बताया गया, लेकिन कुछ घंटे बाद अत्यधिक रक्तस्राव और रक्तचाप अस्थिर होने की जानकारी दी गई। परिजनों के मुताबिक मरीज को गंभीर हालत में मोहाली रेफर किया गया, लेकिन रेफर प्रक्रिया में काफी विलंब हुआ।
आरोप है कि रास्ते में थाना छप्पर क्षेत्र के निकट महिला ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिवार शव को वापस यमुनानगर ले आया। गुरुवार को अस्पताल पहुंचकर परिजनों ने इलाज संबंधी दस्तावेज मांगे और चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया, जिस पर विवाद की स्थिति बन गई। वहीं अस्पताल प्रशासन ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। अस्पताल की डॉक्टर ममता के अनुसार ऑपरेशन के बाद मरीज को गंभीर ब्लीडिंग की समस्या हुई थी, जिसे नियंत्रित करने के लिए लगातार उपचार किया गया। उन्होंने कहा कि मरीज को स्थिर करने के बाद विशेषज्ञ टीम के साथ रेफर किया गया था। फिलहाल सिटी थाना पुलिस ने शिकायत लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

