सोनीपत: नागरिक अस्पताल में डिलीवरी के तीन घंटे बाद महिला की मौत
सोनीपत, 15 सितंबर (हि.स.)। नागरिक
अस्पताल में सामान्य डिलीवरी के करीब तीन घंटे बाद 23 वर्षीय महिला की अचानक तबीयत
बिगड़ने से मौत हो गई। महिला ने बेटे को जन्म दिया था और डिलीवरी के बाद मां-बच्चा
दोनों की हालत सामान्य थी। महिला की मौत के बाद परिजनों ने लेबर वार्ड के चिकित्सकों
और स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाए। वहीं अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को खारिज करते
हुए मौत की वजह ब्रेड सांस की नली में फंसना बताया है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की
जांच के आदेश दिए हैं।
मृतका
की पहचान गांव टांडा झुंडपुरा निवासी 23 वर्षीय रीना पत्नी राहुल के रूप में हुई है।
परिजनों के अनुसार सोमवार शाम पांच बजे रीना को डिलीवरी के लिए नागरिक अस्पताल लाया
गया था। जांच के बाद उसे लेबर वार्ड में भर्ती किया गया। सात बजे उसकी सामान्य डिलीवरी
हुई और उसने बेटे को जन्म दिया। परिजनों का कहना है कि डिलीवरी के बाद रीना बातचीत
कर रही थी और उसकी हालत ठीक थी।
परिजनों
के मुताबिक करीब दो घंटे बाद अचानक रीना की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्होंने चिकित्सक और
स्टाफ को इसकी जानकारी दी। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने रीना को दूसरे अस्पताल ले
जाने के लिए रेफर करने की मांग की और एंबुलेंस की व्यवस्था भी कर ली थी, लेकिन उसे
बाहर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। रात को 10 बजे रीना की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों
ने अस्पताल में हंगामा करते हुए लापरवाही के आरोप लगाए।
अस्पताल
की स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक रिचा ने आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि सामान्य
डिलीवरी के बाद जच्चा-बच्चा को वार्ड में शिफ्ट किया गया था। बाद में परिजनों ने रीना
को लेटे हुए ब्रेड और चाय दी। संभवत: ब्रेड सांस की नली में फंसने से उसे सांस लेने
में परेशानी हुई। उसकी सांस और ब्लीडिंग रुकने की स्थिति बनी। स्टाफ ने बचाने का हर
संभव प्रयास किया, लेकिन उसकी मौत हो गई। शव को
पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। चिकित्सक रिचा ने बताया कि मौत की वास्तविक वजह
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने
कहा कि ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ और इलाज से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होगी।
लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना

