सिरसा: अंशुल छत्रपति ने हाईकाेर्ट के फैसले को बताया निराशाजनक, कहा-सुप्रीम कोर्ट जाएंगे

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सिरसा, 07 मार्च (हि.स.)। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में बरी कर दिया है। मृतक छत्रपति के पुत्र अंशुल छत्रपति ने न्यायालय के इस फैसले को निराशाजनक बताते हुए कहा कि वो इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह भी निराशाजनक है कि मुख्य षड्यंत्रकारी को बरी कर दिया गया, जबकि बाकियों की सजा को बरकरार रखा गया है।

अंशुल ने कहा कि डेरा प्रमुख के काले कारनामों को उजागर करने के लिए उनके पिता ने समाचार पत्र में डेरा से जुड़े कुछ समाचार प्रकाशित किए थे। उसी वजह से उनके पिता की हत्या हुई और सीबीआई ने भी इसी वजह से डेरा प्रमुख को साजिशकर्ता बताया। अंशुल ने कहा कि वे पिछले 24 सालों से मजबूती से डेरा प्रमुख के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं और आगे भी उनकी यह लड़ाई जारी रहेगी।

अंशुल छत्रपति ने उम्मीद जताई कि जांच एजेंसी सीबीआई भी कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ अगली अदालत जाएगी। उल्लेखनीय है कि सिरसा के सांध्य दैनिक पूरा सच के संपादक रामचंद्र छत्रपति को अक्टूबर 2002 में गोली मार दी थी, जिसके कुछ दिनों बाद उनकी मौत हो गई। बाद में मामला सीबीआई को सौंप दिया गया और 2019 में सीबीआई कोर्ट ने गुरमीत सिंह सहित चार लोगों को उम्र कैद की सजा सुनाई।

उधर, डेरा प्रवक्ता जितेंद्र खुराना ने कहा कि हाईकोर्ट ने डेरा प्रमुख को छत्रपति मामले में बरी कर दिया है। उन्होंने कहा कि वे पहले भी बताते रहे हैं कि डेरा प्रमुख इस मामले में पूरी तरह निर्दोष हैं और किसी भी केस में उनका कोई हाथ नहीं है। इस बात को हाईकोर्ट ने भी माना है। उन्होंने कहा कि डेरा प्रमुख ने हमेशा सभी न्यायालयों का सम्मान किया है और न्यायालय पर डेरा प्रमुख का भरोसा है और आगे भी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma

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