एचएयू का हिसार प्याज-3 असम में लहराएगा अपना परचम : प्रो. बीआर कम्बोज
हकृवि और मैजेस्टिक इम्पेक्स, गुवाहाटी के बीच हुआ समझौता
हिसार, 14 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा
विकसित किए जा रहे उन्नत किस्मों के बीज देश भर के किसानों तक पहुंचाने के लिए निजी
क्षेत्र की कंपनियों के साथ समझौते किए जा रहे हैं। हकृवि द्वारा ईजाद की जा रही उन्नत
किस्मों की मांग देश भर में बढ़ती जा रही है। इसी कड़ी में निजी क्षेत्र की कंपनी मैजेस्टिक
इम्पेक्स, गुवाहाटी (असम) ने हकृवि के साथ हिसार प्याज-3 के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर
किए हैं।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज ने बुधवार काे बताया कि हकृवि के वैज्ञानिकों
द्वारा लगातार विभिन्न फसलों की उन्नत किस्में विकसित की जा रही हैं। वैज्ञानिकों द्वारा
ईजाद की गई उन्नत किस्में देशभर में अपना परचम लहरा रही हैं। किसानों को विश्वसनीय
किस्मों का बीज उपलब्ध करवा कर प्रदेश एवं देश के खाद्य उत्पादन में बढ़ोतरी की जा
सकती है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा। कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज की उपस्थिति में हुए समझौते पर मैजेस्टिक इम्पेक्स,
गुवाहाटी की ओर से एग्जिक्यूटिव मेंबर नीरज अग्रवाल ने जबकि विश्वविद्यालय की ओर से
अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग ने हस्ताक्षर किए।
हिसार प्याज-3 की विशेषताएं
विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ.राजबीर गर्ग ने बताया कि इस किस्म के
प्याज के कंद तांबे जैसे चमकीले भूरे लाल रंग व ग्लोबुलर आकर के होते हैं और कम तीखापन
होते हुए भी भंडारण क्षमता अधिक होती है। प्याज में कुल घुलनशील तत्व की मात्रा 14
प्रतिशत होती है। इस किस्म की खड़ी फसल में फूल वाले डंठल व भंडारण में भी फुटाव बहुत
ही कम होता है। इस किस्म में गुलाबी दाग, प्याज का पीलिया ड्वार्फ विषाणु रोग व चूरडा
कीट का आक्रमण अति न्यूनतम है। यह किस्म 130 से 140 दिन में तैयार होकर लगभग 125 क्विंटल
तक प्रति एकड़ पैदावार देती है।
इस अवसर पर ओएसडी डॉ. अतुल ढींगड़ा, मानव संसाधन प्रबंधन निदेशक डॉ. नरेश कौशिक,
कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. रमेश गोयल, डॉ. एसके पाहुजा, डॉ. एसके तेहलान मीडिया
एडवाइजर डॉ. संदीप आर्य, डॉ. विरेन्द्र मोर, डॉ. योगेश जिंदल, डॉ. अनुराग, डॉ. पवन
व कंपनी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

