अब ईंटों के नहीं, आरसीसीस के होंगे ४६६ वाटर वर्क्स,१००० करोड़ होंगे खर्च
टीडीएस, हार्डनेस और फ्लोराइड बढ़ा रहे वाटर वर्क्स पर सरकार की नजर
चंडीगढ़, 25 अगस्त (हि.स.)। प्रदेश सरकार ने प्रदेश में लोगों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जलघरों के कायाकल्प की योजना तैयार की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पुराने और ईंटों से बने उन सभी वाटर वर्क्स को आरसीसी आधारित बनाने के निर्देश दिए हैं, जहां भूजल के मिश्रण से पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि प्रदेश में ऐसे ४६६ वाटर वर्क्स को करीब १००० करोड़ रुपये की लागत से आरसीसी आधारित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जहां संभव हो, ट्यूबवेल आधारित जलघरों को प्राथमिकता से नहरी पानी आधारित बनाया जाए।उन्होंने यह निर्देश मंगलवार को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथ प्रदेश में जलघरों व पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।
बैठक में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा भी मौजूद थे। विभाग के प्रधान सचिव पंकज यादव ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में १८८८ नहरी पानी आधारित वाटर वर्क्स तथा ४१९९ बूस्टिंग स्टेशन संचालित हैं। इनके अलावा १२४०४ ट्यूबवेल तथा ५ रेनी वैल स्कीम्स भी जलापूर्ति के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा ३६७४ ट्यूबवेल संबंधित ग्राम पंचायतों को सौंपे जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में जरूरत के अनुसार १०३ नए नहरी आधारित वाटर वर्क्स, १०६५ नए ट्यूबवेल, ३६९ नए बूस्टिंग स्टेशन तथा २ नए रेनी वैल लगाने की प्रक्रिया प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि ७००५ किलोमीटर वितरण नेटवर्क में से १५२५ किलोमीटर लंबी लाइनों को बदला जाएगा जिसमें से मार्च २०२७ तक ८३७ किलोमीटर वितरण नेटवर्क को बदल दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ईंटो से निर्मित ४६६ वाटर वर्क्स को आरसीसी आधारित वाटर वर्क्स में बदला जा रहा है। इस कार्य पर लगभग १००० करोड़ रुपये की लागत आएगी। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, मुख्यमंत्री के उप-प्रधान सचिव यशपाल यादव तथा इंजीनियर-इन-चीफ देवेंद्र दहिया सहित विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
प्रदेशवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाना हरियाणा सरकार की प्राथमिकता है। शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए पैसों की कमी को आडे़ नहीं आने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी वाटर वर्क्स को आरसीसी आधारित बनाया जाए जहां भूमिगत पानी, वाटर वर्क्स के पानी से मिक्स होने से पानी की टीडीएस, हार्डनेस तथा फ्लोराइड की मात्रा अधिक हो रही है। ऐसे पानी को पूरी तरह से पीने योग्य बनाने पर वाटर वर्क्स की मशीनरी पर दबाव बढ़ता है। इसलिए ऐसे सभी वाटर वर्क्स को आरसीसी आधारित बनवाया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

