हिसार : उद्देश्यों व मानकों पर खरा उतर रहा आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस एवं डेटा साइंस विभाग : प्रो. संदीप

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हिसार : उद्देश्यों व मानकों पर खरा उतर रहा आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस एवं डेटा साइंस विभाग : प्रो. संदीप


पांच दिवसीय हैंड्स-ऑन वर्कशॉप लिनक्स, वर्चुअलाइजेशन और क्लाउड कंप्यूटिंग संपन्नहिसार, 28 फरवरी (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस एवं डेटा साइंस विभाग, की ओर से आयोजित पांच दिवसीय हैंड्स-ऑन वर्कशॉप सम्पन्न हो गई। समापन समारोह में कुलपति के तकनीकी सलाहकार प्रोफेसर संदीप राणा मुख्य अतिथि रहे जबकि अध्यक्षता आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस एवं डेटा साइंस विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार ने की। रिसोर्स पर्सन डाक्टर प्रवेश बिश्नोई रहे।प्रो. संदीप राणा ने शनिवार काे कहा कि कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने जिन उद्देश्यों और मानकों के साथ इस विभाग की स्थापना की थी, उन सभी पर यह विभाग पूर्ण रूप से खरा उतर रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग का प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय है और आज यह उत्तर भारत का श्रेष्ठ कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डेटा विज्ञान विभाग बनकर उभरा है। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से निरंतर नई-नई तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया, ताकि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और अधिक सुदृढ़ हो सके।स्वागत संबोधन में प्रो. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि आज भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में बड़े स्तर पर डेटा सेंटर स्थापित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग ने अपने सभी पाठ्यक्रम एआई क्षेत्र में तेजी से बढ़ती इंडस्ट्री की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किए हैं। इससे विद्यार्थियों को भविष्य में रोजगार के अधिक और बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।अपने संबोधन में प्रो. धर्मेंद्र कुमार ने आगे बताया कि यह विभाग की दूसरी कार्यशाला है, जिसमें विद्यार्थियों को लेटेस्ट आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस के लिए आवश्यक तकनीक—लिनक्स, वर्चुअलाइजेशन और क्लाउड कंप्यूटिंग—सिखाई गई। उन्होंने कहा कि ये तीनों तकनीकें आधुनिक एआई और डेटा साइंस सिस्टम की आधारशिला हैं।डॉक्टर प्रवेश बिश्नोई ने पांच दिनों तक विद्यार्थियों को लिनक्स, वर्चुअलाइजेशन और क्लाउड कंप्यूटिंग पर हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने डेटा साइंस विभाग की 52-वर्कस्टेशन युक्त आधुनिक कंप्यूटर लैब की सराहना करते हुए कहा कि उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटरों के कारण यह कार्यशाला अत्यंत सफल रही। विद्यार्थियों ने वर्चुअलाइजेशन के माध्यम से 10 वर्कस्टेशन को एक सिस्टम से नियंत्रित करना और संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना भी सीखा।कार्यशाला कोऑर्डिनेट डॉक्टर अमनदीप द्वारा पांच-दिवसीय कार्यशाला की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए डॉ. अमनदीप ने बताया कि कार्यशाला के दौरान छात्रों ने वर्चुअलाइजेशन तकनीक के माध्यम से संसाधनों का अधिकतम उपयोग (मैक्सिमम यूटिलाइजेशन ऑफ रिसोर्सेज) करना सीखा। प्रतिभागियों ने एक सिस्टम से कई वर्कस्टेशन को नियंत्रित कर बेहतर प्रदर्शन और संसाधन दक्षता को व्यावहारिक रूप से समझा। प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

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