हांसी : भाखड़ा जल परियोजना का काम रोककर धरने पर बैठे ग्रामीण
धरनारत ग्रामीण
बोले : पानी पर गांव वालों का अधिकार, पेयजल कनेक्शन की मांग
हांसी, 16 मई (हि.स.)।
हांसी के गांव चानाैत में ग्रामीणों ने भाखड़ा नहर जल परियोजना का काम रोक दिया। ग्रामीण
गांव के पास से गुजर रही पाइपलाइन से पेयजल कनेक्शन की मांग कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शन
के दौरान ग्रामीणों ने धरना दिया और काम में लगी मशीन को भी रोक दिया। प्रदर्शन में
महिलाओं सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे, जिन्होंने सरकार और प्रशासन के खिलाफ
नारेबाजी की।
ग्रामीणों ने शनिवार
को कहा कि उनके गांव में वर्षों से पीने के पानी की गंभीर समस्या है। अब जब भाखड़ा
परियोजना की पाइपलाइन उनके गांव के पास से गुजर रही है, तो उन्हें इस योजना का लाभ
नहीं दिया जा रहा है। गांव के सरपंच हिमांशु ने बताया कि चानाैत गांव की आबादी लगभग
8 हजार है और गांव में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ है। उन्होंने कहा कि भूजल स्तर
ऊपर आने के कारण खारा पानी वाटर वर्क्स के टैंक में मिल जाता है, जिससे पूरे गांव में
खारे पानी की आपूर्ति हो रही है।
सरपंच ने बताया कि ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए
दूसरे गांवों पर निर्भर रहना पड़ता है। वे घिराय और आसपास के क्षेत्रों से अपने साधनों
से पीने का पानी लाते हैं। सरपंच हिमांशु ने यह भी बताया कि लगभग 15 दिन पहले ग्रामीणों
का एक प्रतिनिधिमंडल विधायक विनोद भयाना से मिला था। उन्होंने विधायक को गांव की पेयजल
समस्या से अवगत कराया था, जिस पर विधायक ने एक सप्ताह के भीतर खरकड़ी नहर से गांव के
लिए अलग से पीने के पानी की लाइन बिछाने का अनुमान बनवाने का आश्वासन दिया था।
हालांकि, 15 दिन
बीत जाने के बाद भी कोई समाधान नहीं हुआ, जिसके कारण ग्रामीणों को धरना देने पर मजबूर
होना पड़ा। सरपंच ने कहा कि यदि इस पाइपलाइन से गांव को कनेक्शन नहीं दिया जा सकता,
तो खरकड़ी माइनर से भी गांव के वाटर वर्क्स को जोड़ने का विकल्प मौजूद है।
ग्रामीण अनूप चैनत
ने कहा कि जब परियोजना गांव के नजदीक से गुजर रही है तो गांव के लोगों का भी इस पानी
पर हक बनता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक गांव की पेयजल समस्या का स्थायी
समाधान नहीं किया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा और परियोजना का कार्य नहीं होने दिया
जाएगा।
मौके पर पहुंचे
पब्लिक हेल्थ विभाग के जेई विक्रम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वे इस मामले को
अपने उच्च अधिकारियों के समक्ष रखेंगे और जो भी संभव विकल्प होंगे, उन पर विचार किया
जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह परियोजना विशेष रूप से हांसी शहर
के लिए बनाई जा रही है, इसलिए सीधे तौर पर इससे पानी देना संभव नहीं है। स्थिति को
देखते हुए भाटला चौकी पुलिस भी मौके पर तैनात रही ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना
न हो।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

