हिसार : बालसमंद को मिलेगा नहरी पानी

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हिसार : बालसमंद को मिलेगा नहरी पानी


लाडवी-सिसवाला सर्वे

के आदेश

हिसार, 04 जून (हि.स.)। बालसमंद क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों की वर्षों

पुरानी नहरी एवं पेयजल समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई। क्षेत्र

के प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा की सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी से मुलाकात कर विभिन्न

मांगों को प्रमुखता से रखा। इस दौरान सिंचाई विभाग के ईआईसी चौहान एवं वरिष्ठ अधिकारियों

के साथ विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र की प्रमुख मांगों को विस्तार से रखा। इनमें

किशनगढ़ ब्रांच नहर को बालसमंद क्षेत्र से जोडऩे तथा लाडवी के पास से किशनगढ़ ब्रांच

नहर को बालसमंद नहर से जोडऩे की योजना को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति देने की मांग

प्रमुख रही। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि यह स्वर्गीय चौधरी सुरेन्द्र सिंह द्वारा क्षेत्र

के लोगों से किया गया महत्वपूर्ण वादा था, जिसके पूरा होने से पूरे क्षेत्र की दशकों

पुरानी नहरी पानी की समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा।

प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान जाने वाली यमुना जल परियोजना से बालसमंद क्षेत्र

को अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने तथा नॉन-मानसून अवधि में सिसवाला हेड पर कम से कम

200 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। इस पर मंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते

हुए राजस्थान जाने वाली पाइपलाइन से 150 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराने का प्रयास करने

का आश्वासन दिया। बैठक में बरवाला ब्रांच की आरडी 52000 से टेल तक क्षमता अनुसार रीमॉडलिंग,

बालसमंद सब ब्रांच की क्षमता आरडी 0 से 70000 तक बढ़ाने, बसड़ा नंबर-2 परियोजना की

प्रशासनिक स्वीकृति एवं लगभग 8.74 करोड़ रुपये की राशि शीघ्र मंजूर करने, तथा मानसून

अवधि में बढऩपुर हेड पर 2200 क्यूसेक एवं राजथल हेड की ओर से 1700 क्यूसेक पानी उपलब्ध

कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।

मंत्री श्रुति चौधरी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए लाडवी से सीसवाला हेड

तक तत्काल सर्वे कराने के आदेश दिए तथा प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि क्षेत्र की

सभी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी। वरिष्ठ किसान नेता कुरड़ा राम नंबरदार

ने कहा कि यह केवल एक योजना नहीं बल्कि क्षेत्र के लाखों लोगों की उम्मीदों से जुड़ा

विषय है। उन्होंने कहा कि यदि लाडवी-सिसवाला लिंक योजना और अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने

की घोषणा धरातल पर लागू होती है तो बालसमंद, बुड़ाक, डोभी, सुंडावास, बांडाहेड़ी, खारिया,

सरसाना, बासड़ा सहित पूरे क्षेत्र की दशकों पुरानी पानी की समस्या का स्थायी समाधान

संभव हो जाएगा। उन्होंने मंत्री श्रुति चौधरी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र

के लोग अब इस घोषणा को अमलीजामा पहनते देखने के लिए उम्मीद करते हैं।

प्रतिनिधि मंडल में शामिल पारस लौरा ने गुरुवार काे बताया कि क्षेत्र के किसानों की वर्षों

पुरानी मांगों को मंत्री ने गंभीरता से सुना और सकारात्मक रुख अपनाया है। उन्होंने

कहा कि यह बालसमंद क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है तथा पीने के पानी और नहरी पानी

के स्थायी समाधान की दिशा में मजबूत कदम है। उन्होंने कहा कि चौधरी सुरेन्द्र सिंह

का अधूरा सपना अब साकार होने की दिशा में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया

कि ग्रामीणों की मुख्य मांगों में किशनगढ़ ब्रांच को बालसमंद क्षेत्र से जोडऩा। लाडवी

के पास से किशनगढ़ ब्रांच को बालसमंद नहर से जोडऩा। सिसवाला हेड पर 200 क्यूसेक पानी

उपलब्ध कराना। बरवाला ब्रांच की आरडी 52000 से टेल तक रीमॉडलिंग।

बालसमंद सब ब्रांच

की क्षमता आरडी 0 से 70000 तक बढ़ाना। बसड़ा नंबर-2 परियोजना को ₹8.74 करोड़ की स्वीकृति

देना। बढऩपुर हेड पर 2200 क्यूसेक एवं राजथल हेड से 1700 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराना

शामिल हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

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