नूंह: शिक्षा समीक्षा बैठक में विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार पर जोर

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नूंह: शिक्षा समीक्षा बैठक में विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार पर जोर


नूंह, 01 अक्टूबर (हि.स.)। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी नूंह मामराज रावत की अध्यक्षता में गुरुवार को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नूंह में मासिक जिला स्तरीय शिक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारी और सीआरसी हेड मौजूद रहे। बैठक में विद्यार्थियों के सीखने के स्तर, उपस्थिति, शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यालयों के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई।

जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी मामराज रावत ने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति के साथ-साथ उनके वास्तविक सीखने के स्तर में सुधार शिक्षा विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालयों में संचालित प्रत्येक गतिविधि का उद्देश्य बच्चों के सीखने, व्यक्तित्व विकास और विद्यालय के वातावरण में सकारात्मक बदलाव से जुड़ा होना चाहिए।

उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों एवं सीआरसी हेड को विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा निर्धारित शैक्षणिक कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं का समयबद्ध समाधान करवाने को कहा।

बैठक के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की उपस्थिति, एफएलएन एवं सीखने के स्तर, विद्यालय भ्रमण, आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता, पेयजल, पुस्तकालय और खेल सुविधाओं सहित विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशासनिक विषयों की समीक्षा की गई। इसके अलावा डिजिटल संसाधनों के उपयोग एवं रखरखाव, विद्यालय सुरक्षा एवं बाल संरक्षण, प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक, अनुदान के उपयोग तथा विद्यालयों की तत्काल आवश्यकताओं पर भी चर्चा हुई।

मामराज रावत ने निर्देश दिए कि विद्यालय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं को तथ्यों और की गई कार्रवाई के विवरण सहित जिला स्तर पर प्रस्तुत किया जाए, ताकि आवश्यक निर्णय समयबद्ध तरीके से लिए जा सकें। जिला एफएलएन कोऑर्डिनेटर डॉ. कुसुम मलिक ने विद्यार्थियों के सीखने को आनंदमय एवं अनुभवात्मक बनाने के लिए जिले में संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जॉयफुल सैटरडे के तहत विद्यालयों में फिल्म प्रदर्शन, ‘एक माह–एक पुस्तक’ अभियान के तहत प्रत्येक बच्चे को हर माह कम से कम एक पुस्तक पढ़ने के लिए प्रेरित करने तथा विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक भ्रमण एवं एक्सपोजर विजिट जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मोहानिया

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