उत्तराखंड व हरियाणा के जिला अध्यक्षों को कुरुक्षेत्र में प्रशिक्षण देगी कांग्रेस
चंडीगढ़, 12 जनवरी (हि.स.)। उत्तराखंड व हरियाणा में संगठन की मजबूती के लिए कांग्रेस पार्टी 13 जनवरी से कुरुक्षेत्र में प्रशिक्षण कैंप आयोजित करेगी। यह शिविर 22 जनवरी तक चलेगा। इस कैम्प में हरियाणा के सभी 33 जिलाध्यक्षों के साथ उत्तराखंड के 27 जिलाध्यक्ष भाग लेंगे।
इस प्रशिक्षण कैंप मे कुल मिलाकर 60 जिलाध्यक्षों के अलावा दोनों राज्यों के प्रभारी, सह-प्रभारी, प्रदेशाध्यक्ष और कांग्रेस विधायक दल के नेता भी पूरे शिविर के दौरान मौजूद रहेंगे। शिविर में शामिल होने वाले किसी भी नेता को दस दिन तक कैम्प से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रभारी से लेकर जिलाध्यक्ष तक सभी को पूरे दस दिन कुरुक्षेत्र में ही रहना होगा। केंद्र के नेताओं के अलावा किसी बाहरी व्यक्ति की एंट्री पर भी पूरी तरह रोक रहेगी। पार्टी का मानना है कि इससे प्रतिभागियों का पूरा फोकस प्रशिक्षण, रणनीति और संगठनात्मक जिम्मेदारियों पर रहेगा।
ट्रेनिंग कैम्प के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ नेता एक-एक दिन कुरुक्षेत्र पहुंचेंगे। ये नेता अपने राजनीतिक अनुभव साझा करेंगे और बताएंगे कि जमीनी राजनीति में किन रणनीतियों से भाजपा को चुनौती दी जा सकती है। इसी क्रम में एक दिन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और एक दिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े का भी कुरुक्षेत्र प्रवास रहेगा। ट्रेनिंग कैम्प में हरियाणा के प्रभारी बीके हरिप्रसाद, प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सह-प्रभारी जितेंद्र बघेल व प्रफुल्ल गुढाहे मौजूद रहेंगे। वहीं उत्तराखंड से प्रभारी कुमारी सैलजा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोडियाल, सीएलपी लीडर यशपाल आर्य तथा सह-प्रभारी सुरेंद्र शर्मा और मनोज यादव शिविर में भाग लेंगे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से मीडिया प्रमुख संजीव भारद्वाज भी पूरे कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।
इस पूरे ट्रेनिंग कैम्प को कांग्रेस की संगठन सृजन टीम हेड करेगी। टीम का नेतृत्व सचिन राव कर रहे हैं। उनके साथ पूरी टीम कुरुक्षेत्र आएगी। यही टीम प्रशिक्षण सत्रों, फील्ड विजिट और संवाद कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर रही है। शिविर सिर्फ क्लासरूम ट्रेनिंग तक सीमित नहीं रहेगा। 13 से 22 जनवरी के बीच जिलाध्यक्ष अलग-अलग विधानसभाओं के 12 गांवों का दौरा करेंगे। इन गांवों में मनरेगा मजदूरों की समस्याएं सुनने, उनसे सीधा संवाद करने और उनकी शिकायतों का विस्तृत ब्यौरा तैयार किया जाएगा। पार्टी का फोकस है कि जिलाध्यक्ष सिर्फ भाषण देने वाले नेता न बनें, बल्कि जनता की समस्याओं को समझने और उन्हें प्रभावी ढंग से उठाने वाले संगठनात्मक कार्यकर्ता बनें।
शिविर के दौरान जिलाध्यक्षों को यह सिखाया जाएगा कि कांग्रेस सरकारों की उपलब्धियों को जनता तक किस तरह प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। इसके साथ ही केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों, बेरोजगारी, महंगाई, मनरेगा, किसानों और मजदूरों से जुड़े मुद्दों को किस तरीके से उजागर करना है, इस पर भी विशेष सत्र होंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

