चुनौतियों को समझकर उन्हें अवसर के रूप में इस्तेमाल करें युवा : प्रो. नरसीराम बिश्नोई

चुनौतियों को समझकर उन्हें अवसर के रूप में इस्तेमाल करें युवा : प्रो. नरसीराम बिश्नोई
चुनौतियों को समझकर उन्हें अवसर के रूप में इस्तेमाल करें युवा : प्रो. नरसीराम बिश्नोई


चुनौतियों को समझकर उन्हें अवसर के रूप में इस्तेमाल करें युवा : प्रो. नरसीराम बिश्नोई


चुनौतियों को समझकर उन्हें अवसर के रूप में इस्तेमाल करें युवा : प्रो. नरसीराम बिश्नोई


‘आत्मनिर्भर गांव-आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर वार्षिक शिविर शुरू

हिसार, 13 फरवरी (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा है कि युवा वर्तमान समय की चुनौतियों को समझें तथा उन चुनौतियों को अवसर के रूप में इस्तेमाल करते हुए राष्ट्र के नवनिर्माण में अपना योगदान दें। भारत को फिर से विश्वगुरू बनाने के लिए युवाओं का कौशलयुक्त, जिम्मेदार व समर्पित होना आवश्यक है। राष्ट्रीय सेवा योजना का युवाओं को राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनाने में अहम योगदान है।

प्रो. नरसी राम बिश्नोई मंगलवार को विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सौजन्य से गांव आर्यनगर में आरंभ हुए वार्षिक शिविर के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। ‘आत्मनिर्भर गांव-आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर लगाए जा इस शिविर के उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की समन्वयक डा. अंजू गुप्ता ने की। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, आर्यनगर के प्राचार्य मनोज कुमार विशिष्ट अतिथि व गांव के सरपंच रतन टांक विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने अपने संबोधन में स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे पर्यावरण तथा नशामुक्ति जैसे अभियानों का प्राथमिकता से संचालन करें तथा गांव में इस संबंध में जागरूकता उत्पन्न करें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण जागरूकता के गुरू जम्भेश्वर जी महाराज के संदेश को ग्रामीणों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि स्कूली स्तर के विद्यार्थियों को ही उच्च स्तर की शिक्षा के बारे में जानकारी देना आवश्यक है।

विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिला शिक्षा के प्रति भी जागरूकता अभियानों पर बल दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार ग्रामीण जानकारी के अभाव में सरकार की लाभकारी योजनाओं का फायदा नहीं उठा पाते। स्वयंसेवक ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं तथा स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां भी दें।

समन्वयक डा. अंजू गुप्ता ने इस अवसर पर बताया कि 19 फरवरी तक चलने वाले इस शिविर के दौरान स्वयंसेवक ग्रामीणों से घर-घर जाकर संपर्क करेंगे।‘सर्वेक्षण’ तथा ‘राम-राम’ अभियान के तहत ग्रामीणों की जीवनशैली तथा समस्याओं को भी करीब से समझने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्वयंसेवक सीधे खेतों में जाकर किसानों से वार्तालाप करेंगे तथा उन्हें सरकारी सुविधाओं के प्रति जागरूक करेंगे। इसके अतिरिक्त कुलपति के निर्देशानुसार गांव में शिक्षा, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ तथा पर्यावरण संरक्षण से संबंधित जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इस शिविर में 200 स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं।

इस अवसर पर स्कूल प्रबंधन कमेटी के प्रधान बलवान सिंह, युवा मंडल के अध्यक्ष हरीश कुमार, स्कूल अध्यापक दामोदर सिंह व गजे सिंह के अतिरिक्त विश्वविद्यालय के एनएसएस अधिकारी डा. विक्रमजीत सिंह, डा. ललित शर्मा, डा. नरेन्द्र, डा. सुनीता, डा. विकास जांगड़ा तथा डा. कल्पना तथा स्टाफ सदस्य दलबीर सिंह व नरेश भी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार/राजेश्वर

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