हिसार : उन्नत तकनीकें अपनाकर कपास का औसत उत्पादन बढ़ाएं व बैटरी चालित पंप का प्रयोग करें : डॉ. राजबीर गर्ग
हकृवि ने कपास उत्पादन बढ़ाने के लिए आयोजित
किया प्रशिक्षण शिविर
हिसार, 02 अप्रैल (हि.स.)। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय
की ओर से प्रदेश में कपास के उत्पादन व क्षेत्रफल में वृद्धि करने के लिए कुलपति प्रो.
बीआर कम्बोज के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए।
विश्वविद्यालय द्वारा भिवानी व हिसार जिले के विभिन्न गांवों नंगथला, ढाणी धीरजा, धूलकोट
और सदलपुर में कपास उत्पादन बढ़ाने के लिए उन्नत तकनीक विषय पर आयोजित प्रशिक्षण शिविरों
में किसानों ने बढ़-चढक़र भाग लिया।
शिविर के समापन अवसर में किसानों को संबोधित
करते हुए अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग ने गुरुवार काे किसानों को कपास फसल की अधिक पैदावार
प्राप्त करने के लिए उन्नत किस्म के बीज, कीटनाशक
दवाओं एवं रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने किसानों से उन्नत तकनीकें अपनाकर कपास का औसत उत्पादन बढ़ाने व बैटरी चालित
पंप का किसान हित में उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय
आपकी तकनीकी सहायता के लिए सदैव तत्पर रहेगा।
कपास अनुभाग के अध्यक्ष डॉ. करमल ने शिविर में
कपास फसल से जुड़ी तमाम जानकारियां किसानों को दी। कार्यक्रम में हिसार जिले के विभिन्न
गांवों के 30 पुरूष व महिला किसानों को बैटरी चालित स्प्रे पम्प व सुरक्षा किट प्रदान
किए गए। सहायक पादप रोग वैज्ञानिक डॉ. अनिल कुमार सैनी ने कपास की मुख्य बीमारियों
के लक्षण व रोकथाम के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सहायक वैज्ञानिक डॉ.
दीपक ने हरियाणा में कपास के परिदृश्य व कपास की खेती के लिए अनुशंसित किस्मों के बारे
में बताया। सहायक कीट वैज्ञानिक डॉ. अनिल कुमार ने कपास में गुलाबी सुंडी की रोकथाम
व अन्य कीटों के नियंत्रण के उपायों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने किसानों को पिछले
साल की बन छट्टियों को झाडक़र व ढक कर रखने की सलाह दी। यह गुलाबी सुंडी के नियंत्रण
के लिए आवश्यक है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

