हिसार : कर्मचारियों से वादाखिलाफी का आरोप, बिजली कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने विधायकों को सौंपे ज्ञापन
पैरलल लाइसेंस प्रणाली और अलग कृषि वितरण निगम बनाने की प्रक्रिया का विरोध, मांगें नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनीहिसार, 30 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा सरकार एवं हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) पर कर्मचारियों से वादाखिलाफी और विश्वासघात का आरोप लगाते हुए हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने रविवार को प्रदेश के विधायकों को ज्ञापन सौंपे। मोर्चा ने पैरालल लाइसेंस प्रणाली को आगे बढ़ाने और अलग कृषि वितरण निगम बनाने की प्रक्रिया का विरोध किया।मोर्चा के नेता प्रदीप लौरा ने कहा कि एचईआरसी पैरालल लाइसेंस प्रणाली को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुग्राम और नूंह को निजी बिजली कंपनी को देने के लिए पत्राचार और अन्य प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि 10 अगस्त को बिजली मंत्री अनिल विज के साथ मोर्चा की वार्ता हुई थी, जिसमें लिखित आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद 26 अगस्त को नए निर्देश जारी कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि मोर्चा इस प्रक्रिया का हर स्तर पर विरोध करेगा। इसी कड़ी में आदमपुर के विधायक चंद्र प्रकाश, बरवाला के विधायक रणबीर गंगवा, नलवा के विधायक रणधीर पनिहार और सावित्री जिंदल समेत अन्य विधायकों को ज्ञापन सौंपकर विधानसभा में कर्मचारियों की मांगों को उठाने की अपील की गई।महासचिव रविंद्र घणघस ने कहा कि पैरालल लाइसेंस प्रणाली के खिलाफ मुख्यमंत्री और बिजली मंत्री को पत्र भेजा जाएगा। उन्होंने प्रदेश के सभी विधायकों से विधानसभा सत्र के दौरान इस मुद्दे को सदन में उठाने और इसका विरोध करने की मांग की। मोर्चा की ओर से मुख्यमंत्री, बिजली मंत्री, एचईआरसी और बिजली निगमों के प्रबंधन को भी पत्राचार किया जाएगा।मोर्चा नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों की लंबित मांगों का जल्द समाधान किया जाए और शेष मुद्दों पर वार्ता के लिए उन्हें बुलाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया तो संयुक्त संघर्ष मोर्चा आंदोलन की आगामी रणनीति घोषित करेगा और जरूरत पड़ी तो हड़ताल का रास्ता भी अपनाया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

