यूक्रेन के ओडेसा हमले में मारे गए गुरप्रीत सिंह की डीएनए से होगी पहचान
यमुनानगर, 22 जुलाई (हि.स.)रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के निकट हुए मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले यमुनानगर जिले के गांव पंजेटो निवासी मर्चेंट नेवी कर्मी गुरप्रीत सिंह बाठ के पार्थिव शरीर की पहचान अब डीएनए परीक्षण के आधार पर की जाएगी। हमले की तीव्रता के कारण कई शव गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे सामान्य प्रक्रिया से उनकी शिनाख्त संभव नहीं हो पा रही है।
परिजनों के अनुसार, संबंधित शिपिंग कंपनी ने मृतकों के परिवारों से डीएनए नमूने उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। इसी क्रम में गुरप्रीत सिंह के पिता कीर्तन सिंह ने अपना डीएनए नमूना दे दिया है। परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसे संबंधित एजेंसियों और शिपिंग कंपनी को भेजा जाएगा। डीएनए मिलान की पुष्टि के पश्चात ही पार्थिव शरीर की औपचारिक पहचान पूरी होगी और उसे भारत लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। परिवार ने बताया कि 19 जुलाई को गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाले मर्चेंट पोत एमवी गोल्डन लियो के ओडेसा बंदरगाह से रवाना होने के तुरंत बाद उस पर क्रूज मिसाइल से हमला हुआ था। इस घटना में गुरप्रीत सिंह सहित चार भारतीय नागरिकों की मृत्यु हुई, जबकि एक अन्य भारतीय नाविक गंभीर रूप से घायल हो गया। हमले में कुल 10 लोगों के मारे जाने की सूचना है, जिनमें सीरिया के नागरिक भी शामिल बताए गए हैं। परिजनों ने सरकार से गुरप्रीत सिंह का पार्थिव शरीर शीघ्र भारत लाने और प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अब तक कोई अधिकारी परिवार से मिलने नहीं पहुंचा है।
गुरप्रीत सिंह परिवार के इकलौते पुत्र थे। लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व उनका विवाह हुआ था और उनका छह माह का एक बेटा है। वर्ष 2016 में सड़क दुर्घटना में पिता की एक टांग कट जाने के बाद परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी मुख्य रूप से गुरप्रीत के कंधों पर थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

